Blogger द्वारा संचालित.
ग्राम चौपाल में आपका स्वागत है * * * * नशा हे ख़राब झन पीहू शराब * * * * जल है तो कल है * * * * स्वच्छता, समानता, सदभाव, स्वालंबन एवं समृद्धि की ओर बढ़ता समाज * * * * ग्राम चौपाल में आपका स्वागत है

IND FACE TO FACE अशोक बजाज चेयरमैन, अपेक्स बैंक से खास बातचीत मोहित साह...

>> 16 सितंबर, 2017

Read more...

श्री गणेश चतुर्थी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !

>> 25 अगस्त, 2017



आप सभी को श्री गणेश चतुर्थी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !

Read more...

बेटियाँ तो घर घर की शान होती हैं

>> 07 अगस्त, 2017

रक्षाबंधन के साथ " बेटी बचाओं : बेटी पढ़ाओ " का सन्देश 

बेटियाँ तो घर घर की शान होती हैं, 
बेटियाँ हर ख़ुशी की खान होती हैं l
बेटियाँ 
नूर ए जहान 
होती हैं ll

जन्म से पहले इन्हें मत मारो,
ये बेटियाँ ईश्वर की वरदान होती हैं ll  


येन बद्धो बलिः राजा दानवेन्द्रो महाबलः ।  तेन त्वामभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चलः ॥ 


बधाई के साथ यह भी . . .


और भी ...................


लेकिन शर्त है कि इन्हें बचाएं .............





रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सभी बहनों एवं भाइयों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ !

Read more...

श्रम-दिवस

>> 30 अप्रैल, 2017

निरंतर सकारात्मक दिशा में शारीरिक एवं बौद्धिक श्रम करने वाले तथा अपने श्रम, तप व साधना से विश्व कल्याण करने वाले सभी श्रमवीरों को श्रम-दिवस की मेरी ओर से हार्दिक बधाई !



Read more...

आदि शंकराचार्य के अनमोल वचन

                                                                                                                                                     

अद्वैत वेदान्त के प्रणेता, संस्कृत के विद्वान, उपनिषद व्याख्याता और हिन्दू धर्म प्रचारक थे। हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार इनको भगवान शंकर का अवतार माना जाता है। इन्होंने लगभग पूरे भारत की यात्रा की और इनके जीवन का अधिकांश भाग उत्तर भारत में बीता। चार पीठों (मठ) की स्थापना करना इनका मुख्य रूप से उल्लेखनीय कार्य रहा, जो आज भी मौजूद है। शंकराचार्य को भारत के ही नहीं अपितु सारे संसार के उच्चतम दार्शनिकों में महत्व का स्थान प्राप्त है। उन्होंने अनेक ग्रन्थ लिखे हैं, किन्तु उनका दर्शन विशेष रूप से उनके तीन भाष्यों में, जो उपनिषद, ब्रह्मसूत्र और गीता पर हैं, मिलता है। गीता और ब्रह्मसूत्र पर अन्य आचार्यों के भी भाष्य हैं, परन्तु उपनिषदों पर समन्वयात्मक भाष्य जैसा शंकराचार्य का है, वैसा अन्य किसी का नहीं है।

आदि शंकराचार्य के अनमोल वचन

1. यह परम सत्य है की लोग आपको उसी समय तक याद करते है जब तक आपकी सांसें चलती हैं. इन सांसों के रुकते ही आपके क़रीबी रिश्तेदार, दोस्त और यहां तक की पत्नी भी दूर चली जाती है.

2.  जब मन में सत्य जानने की जिज्ञासा पैदा हो जाती है तब दुनिया की बाहरी चीज़े अर्थहीन लगती हैं.
सत्य की कोई भाषा नहीं है. भाषा तो सिर्फ मनुष्य द्वारा बनाई गई है लेकिन सत्य मनुष्य का निर्माण नहीं, आविष्कार है. सत्य को बनाना या प्रमाणित नहीं करना पड़ता.

3. तीर्थ करने के लिए किसी जगह जाने की जरूरत नहीं है. सबसे बड़ा और अच्छा तीर्थ आपका अपना मन है जिसे विशिष्ट रूप से शुद्ध किया गया हो.

4. हर व्यक्ति को यह ज्ञान होना चाहिए कि आत्मा एक राज़ा के समान होती है जो शरीर, इन्द्रियों, मन, बुद्धि से बिल्कुल अलग होती है. आत्मा इन सबका साक्षी स्वरुप है.

5. मोह से भरा हुआ इंसान एक सपने कि तरह हैं, यह तब तक ही सच लगता है जब तक वह अज्ञान की नींद में सो रहे होते है. जब उनकी नींद खुलती है तो इसकी कोई सत्ता नही रह जाती है.

           आदि शंकराचार्य की जयंती पर हार्दिक बधाई !
                                                                                                                                                           साभार गूगल 


Read more...

संविधान निर्माता, भारत रत्न डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उन्हें शत शत नमन . . .

>> 14 अप्रैल, 2017


संविधान निर्माता, भारत रत्न डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उन्हें शत शत नमन . . .



Read more...

बैसाखी पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ !

बैसाखी पर्व की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ !




Read more...

About This Blog

  © Blogger template Webnolia by Ourblogtemplates.com 2009

Back to TOP