Blogger द्वारा संचालित.
ग्राम चौपाल में आपका स्वागत है * * * * नशा हे ख़राब झन पीहू शराब * * * * जल है तो कल है * * * * स्वच्छता, समानता, सदभाव, स्वालंबन एवं समृद्धि की ओर बढ़ता समाज * * * * ग्राम चौपाल में आपका स्वागत है

रक्षाबंधन की बधाई

>> 23 अगस्त, 2010



रक्षाबंधन के पावन  पर्व पर सभी बहनों एवं भाइयों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ !




बधाई के साथ यह भी . . .




और भी ...................




लेकिन शर्त है  इसे बचाएं .............



हम बेटियाँ ईश्वर की वरदान होती है ..
हम बेटियाँ तो नूर -ऐ -जहान होती है ..

दुनिया की सबसे बड़ी खुशी है हम ...
                    इसीलिए तो हर खुशी की खान होती है ..     00241



रक्षाबंधन के सन्देश के लिए कृपया  क्लिक  करें


By google           

16 टिप्पणियाँ:

संगीता पुरी 23 अगस्त 2010 को 11:39 pm  

वाह बढिया .. आपको भी रक्षबंधन की बधाई और शुभकामनाएं !!

Udan Tashtari 24 अगस्त 2010 को 6:12 am  

रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ.

राजभाषा हिंदी 24 अगस्त 2010 को 7:13 am  

रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ.
हिन्दी ही ऐसी भाषा है जिसमें हमारे देश की सभी भाषाओं का समन्वय है।

ललित शर्मा-للت شرما 24 अगस्त 2010 को 7:27 am  


श्रावणी पर्व पर एक सार्थक संदेश के साथ सुबह की शुरुवात का यह अंदाज बहुत भाया है।

श्रावणी पर्व की शुभकामनाएं एवं हार्दिक बधाई,
रक्षा बंधन का त्योहार आया है।


लांस नायक वेदराम!---(कहानी)

फ़िरदौस ख़ान 24 अगस्त 2010 को 8:25 am  

रक्षाबंधन के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं...

राहुल पंडित 24 अगस्त 2010 को 12:41 pm  

आपको भी ढेरों बधाइयाँ

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari 24 अगस्त 2010 को 1:21 pm  

राखी तिहार के गाडा गाडा बधई भईया.

संगीता स्वरुप ( गीत ) 24 अगस्त 2010 को 2:00 pm  

बहुत सुन्दर पोस्ट ..

रक्षाबंधन के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं...

जी.के. अवधिया 24 अगस्त 2010 को 2:03 pm  

रक्षा बन्धन की हार्दिक शुभकामनाएँ!

गजेन्द्र सिंह 24 अगस्त 2010 को 2:44 pm  

रक्षाबंधन की ढेरों शुभकामनाए !!

वन्दना अवस्थी दुबे 24 अगस्त 2010 को 4:11 pm  

रक्षाबन्धन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं.

ajay saxena 24 अगस्त 2010 को 6:33 pm  

श्रावणी पर्व की आपको भी बहुत -बहुत शुभकामनाएं .

दीपक 'मशाल' 24 अगस्त 2010 को 9:46 pm  

बढ़िया सन्देश के साथ शुभकामनाएं दीं आपने.. आपको भी बधाई..

Swarajya karun 24 अगस्त 2010 को 10:03 pm  

बेटियां ही होती हैं बहन और बहनों के बिना भाईयों का अस्तित्व कहाँ ?
इसलिए रक्षाबंधन के मौके पर बेटियों की रक्षा के लिए आपने भाईयों को एक
नए नज़रिए से सोचने की प्रेरणा दी है. बेटियों की रक्षा होगी तो बहनें सुरक्षित
रहेंगी. श्रावणी पर्व पर इस नए और जानदार सन्देश के लिए आपको बहुत-
बहुत बधाई और त्यौहार की हार्दिक शुभकामनाएं . (स्वराज्य करुण )

jay 25 अगस्त 2010 को 1:54 pm  

बहुत रचनात्मक ढंग से आपने एक सामाजिक सन्देश दिया है. वास्तव में इस विषय पर बात करने लोगों को जागरूक करना का रक्षा बंधन से अच्छा अवसर हो भी नहीं सकता है.....बहुत साधुवाद आपको.
- पंकज झा.

एक टिप्पणी भेजें

About This Blog

  © Blogger template Webnolia by Ourblogtemplates.com 2009

Back to TOP