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पर्यावरण जागरूकता अभियान

>> 26 अगस्त, 2010





पर्यावरण जागरूकता अभियान



 जलवायु परिवर्तन  एक गंभीर समस्या है इससे निपटने के लिए तरह तरह के उपाय किये जा रहें है ,इसी कड़ी में रायपुर जिले में स्कूली बच्चो को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है . जागरूकता कार्यक्रम के तहत  इंस्टीट्यूट आफ एप्लायड सिस्टम एंड रूलर डेवलपमेंट नई दिल्ली द्वारा रायपुर जिले के 6वी से दसवी कक्षा के छात्र -छात्राओं को प्रशिक्षित किया जायेगा । भू -विज्ञान मंत्रालय भारत सरकार एवं स्कूली शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम हेतु धरसींवा, अभनपुर, फिंगेश्वर, देवभोग,  आरंग, तिल्दा एवं सिमगा ब्लाक में ५० कलस्टर बनायें गये है जिसमें लगभग 250 स्कूलो के छात्र भाग लेगे इस कार्यक्रम का शुभारंभ 28 अगस्त को माना बस्ती से किया जायेगा।इस कार्यक्रम के संयोजक के नाते मै आपको आमंत्रित करता हूँ तथा सहयोग की कामना करता हूँ .

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photo by google

7 टिप्पणियाँ:

ललित शर्मा-للت شرما 26 अगस्त 2010 को 12:45 am  

अच्छी योजना है,बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरुक करना ही पड़ेगा। यही हमारे देश के भविष्य हैं। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का क्रियान्वयन सही ढंग से होना चाहिए। जिससे अपेक्षित परिणाम निकलें।

आभार

राजभाषा हिंदी 26 अगस्त 2010 को 5:31 am  

बहुत अच्छी प्रस्तुति।
हिंदी भाषा की उन्नति का अर्थ है राष्ट्र की उन्नति।

Babli 26 अगस्त 2010 को 9:53 am  

रक्षाबंधन पर हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें!
मुझे आपका ब्लॉग बहुत अच्छा लगा! पर्यावरण के प्रति जागरूकता हर नागरिक के लिए आवश्यक है! बहुत बढ़िया लिखा है आपने जो काबिले तारीफ़ है!
मेरे ब्लोगों पर आपका स्वागत है!

Rajeev Bharol 26 अगस्त 2010 को 9:56 am  

बहुत ही सराहनीय प्रयास. मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं.

jay 26 अगस्त 2010 को 9:04 pm  

बढ़िया लिखा है आपने.

Swarajya karun 26 अगस्त 2010 को 10:52 pm  

नयी पीढ़ी में पर्यावरण चेतना जगाने के लिए
यह एक बहुत अच्छा कार्यक्रम होगा . मेरी हार्दिक
शुभकामनाएं. मेरा सुझाव है कि इस मौके पर
बच्चों को पौलीथीन से बचने और घरों में अक्सर
जमा हो जाने वाले सामान्य अनुपयोगी कागजों,
अखबारों के पुराने बंडलों से लिफाफे . ठोंगे आदि बनाने के
लिए भी कुछ मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए .. आप भी
जानते हैं कि यह कार्य पहले कई परिवारों की
अतिरिक्त आमदनी का एक अच्छा जरिया था. पौलीथीन ने
उनसे वह छीन लिया है .

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