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बच्चों ने लिया पर्यावरण बचाने का संकल्प

>> 30 अगस्त, 2010





एक हजार से अधिक स्कूली बच्चों ने लिया पर्यावरण बचाने का संकल्प




पर्यावरण  को  बचाने के लिए छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में जनजागरण का एक विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत राजधानी रायपुर के नजदीक ग्राम डुमरतराई और टेमरी के एक हजार से अधिक स्कूली बच्चों ने आज पर्यावरण की रक्षा के लिए


 पेड़-पौधों की सेवा करने का संकल्प लिया। डुमरतराई के हाई स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में इस अभियान के संयोजक तथा राज्य सहकारी बैंक के संचालक श्री अशोक बजाज ने इस अवसर पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण ही प्रत्येक प्राणी का प्राण है। इसलिए उसकी रक्षा करना हम सबका पहला कर्तव्य और धर्म है। उन्होंने कहा कि हम सब अपनी-अपनी आदतों में सुधार लाकर जलवायु परिवर्तन की गति को रोक सकते हैं और पर्यावरण को बचाने के लिए बेहतर योगदान दे सकते हैं। श्री बजाज ने कहा कि स्कूली बच्चों को पानी,  बिजली और वृक्षों की सुरक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

 इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। डॉ. के.डी. गुप्ता और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री रोहित शुक्ला तथा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी आदित्य चांडक ने भी कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर प्राचार्य श्री आर.एन. द्विवेदी सहित सर्वश्री अर्जुन कुमार, सुरेन्द्र तिवारी, लीलाराम साहू, राजू यादव, सावंत साहू, मोहन धीवर, गोविन्द साहू, पुष्पा साहू, प्रवीण जैन, रमेश ठाकुर तथा अन्य अनेक प्रबुध्द नागरिक उपस्थित थे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज सेवी संस्था इंस्टीटयूट ऑफ एप्लायड सिस्टम एण्ड रूरल    डेवलपमेन्ट   (आई.ए.एस.आर.डी.)  नईदिल्ली  के    सहयोग से आयोजित किया गया ।


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4 टिप्पणियाँ:

ललित शर्मा-ਲਲਿਤ ਸ਼ਰਮਾ 30 अगस्त 2010 को 11:41 pm  

पर्यावरण संरक्षण नैतिक कर्तव्य ही नहीं मानव का धर्म हैं। इसका संरक्षण अत्यावश्यक है।

इस महती कार्ययोजना में सहयोग करने वालों को साधुवाद।

Rahul Singh 31 अगस्त 2010 को 8:44 am  

वृक्षारोपण की चर्चा तो खूब होती है, लेकिन वृक्ष व पर्यावरण रक्षा की सोच कहीं अधिक दायित्‍वपूर्ण है, बधाई स्‍वीकार करें.

अजय झा 2 सितंबर 2010 को 9:35 am  

अच्‍छी प्रस्‍तुति है

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