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सड़ता अनाज मंहगा पड़ा पवार को

>> 31 अगस्त, 2010



सड़ता अनाज मंहगा पड़ा पवार को

                                                      भारत सरकार के गोदामों में सड़ते हुए अनाज को ग़रीबों में बांटने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सुझाव का नाम देना केंद्रीय कृषि मंत्री  शरद पवार को मंहगा पड़ा है .जहां सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर उन्हें आड़े हाथों लिया वहीं लोकसभा में उन्हें सफ़ाई भी देनी पड़ी.मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने इसे सरकार की असफलता बताया और कहा कि कृषि मंत्री को इस्तीफ़ा देना चाहिए.

                                                   याद रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने मानवाधिकार संगठन पीयूसीएल की एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान 12 अगस्त को कहा था कि सरकार गोदामों में अनाज को सड़ने देने के बजाए इसे भूखे और ग़रीब लोगों में मुफ़्त बाँट दे.

                                                   इस मामले में मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा था कि ये सुप्रीम कोर्ट का सुझाव है जिसे लागू नहीं किया जा सकता है. मंगलवार को कोर्ट ने मीडिया रिपोर्टों पर संज्ञान लेते हुए कहा कि उन्होंने 12  अगस्त को फ़ैसला दिया था और ये सुझाव नहीं है.जस्टिस दलवीर भारती और दीपक वर्मा की खंडपीठ ने कहा कि कृषि मंत्री  का ये दावा ग़लत है कि हमने सुझाव दिया था. वो आदेश था जिसे लागू किया जाना चाहिए.                                                  
                                                कोर्ट के इस बयान के बाद ये मुद्दा लोकसभा में भी उठा. जनता दल यू के नेता शरद यादव ने कहा, ‘‘ अनाज मुफ़्त में बांटना कोई नई बात नहीं है. एनडीए सरकार ने ये किया है लेकिन कृषि मंत्री तो अनाज सड़ा रहे हैं गोदामों में. अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया है.’’ नेता इस मुद्दे पर अत्यंत नाराज़ थे क्योंकि पहले भी अनाज गोदामों में सड़ने के मुद्दे पर शरद पवार के बयान काफ़ी लापरवाही भरे रहे हैं.
                                               मुलायम सिंह यादव ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई कि कोर्ट को क्यों ये स्पष्ट करने की ज़रुरत पड़ी कि ये आदेश था सुझाव नहीं. उन्होंने कहा, ‘‘ सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है. अब तो
 सरकार संज्ञान ले. गोदामों में अनाज सड़ रहा है. किसानों को धान सस्ता बेचना पड़ रहा है. सूखा है बाढ़ है. देश के अलग-अलग स्थानों में.’’

पवार पर हमला



                                                    अन्य दलों के नेताओं ने भी इस मामले पर कृषि मंत्री को आड़े हाथों लिया.हंगामा बढ़ता ही गया और और कुछ देर के बाद कृषि मंत्री को बयान देने के लिए आना पडा. अपने बयान में वो बचाव की मुद्रा में दिखे.
                                                     शरद पवार ने कहा, ‘‘ मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सुप्रीम कोर्ट हो या हाई कोर्ट हम फै़सलों की इज़्ज़त करते हैं. उन्हें लागू करेंगे. सांसदों ने सुझाव दिए वो भी मानेंगे. अभी कोर्ट का पूरा फ़ैसला मुझे मिला नहीं है. लेकिन जल्दी ही आ जाएगा.’’

                                                       लोकसभा में मामला ख़त्म हो गया लेकिन मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने इस पर कड़ा रुख़ अख़्तियार किया. पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने प्रेस वार्ता बुलाई और सरकार की कड़ी आलोचना की.गडकरी ने कहा, ‘‘ये कृषि मंत्री की असफलता नहीं है. ये पूरे यूपीए सरकार की असफलता है. कृषि मंत्री को तो तत्काल इस्तीफ़ा देना चाहिए. देश में बड़ी-बड़ी बातें हो रही है लेकिन अनाज के लिए ठीक गोदाम तक नहीं हैं.’’ 

इस समाचार को यहाँ पढ़े                    00235

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बच्चों ने लिया पर्यावरण बचाने का संकल्प

>> 30 अगस्त, 2010





एक हजार से अधिक स्कूली बच्चों ने लिया पर्यावरण बचाने का संकल्प




पर्यावरण  को  बचाने के लिए छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में जनजागरण का एक विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत राजधानी रायपुर के नजदीक ग्राम डुमरतराई और टेमरी के एक हजार से अधिक स्कूली बच्चों ने आज पर्यावरण की रक्षा के लिए


 पेड़-पौधों की सेवा करने का संकल्प लिया। डुमरतराई के हाई स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में इस अभियान के संयोजक तथा राज्य सहकारी बैंक के संचालक श्री अशोक बजाज ने इस अवसर पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण ही प्रत्येक प्राणी का प्राण है। इसलिए उसकी रक्षा करना हम सबका पहला कर्तव्य और धर्म है। उन्होंने कहा कि हम सब अपनी-अपनी आदतों में सुधार लाकर जलवायु परिवर्तन की गति को रोक सकते हैं और पर्यावरण को बचाने के लिए बेहतर योगदान दे सकते हैं। श्री बजाज ने कहा कि स्कूली बच्चों को पानी,  बिजली और वृक्षों की सुरक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

 इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। डॉ. के.डी. गुप्ता और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री रोहित शुक्ला तथा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी आदित्य चांडक ने भी कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर प्राचार्य श्री आर.एन. द्विवेदी सहित सर्वश्री अर्जुन कुमार, सुरेन्द्र तिवारी, लीलाराम साहू, राजू यादव, सावंत साहू, मोहन धीवर, गोविन्द साहू, पुष्पा साहू, प्रवीण जैन, रमेश ठाकुर तथा अन्य अनेक प्रबुध्द नागरिक उपस्थित थे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज सेवी संस्था इंस्टीटयूट ऑफ एप्लायड सिस्टम एण्ड रूरल    डेवलपमेन्ट   (आई.ए.एस.आर.डी.)  नईदिल्ली  के    सहयोग से आयोजित किया गया ।


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प्रदूषण के खिलाफ ग्रीन पुलिस

ग्रीन पुलिस रोकेगी प्रदूषण





भारत सरकार प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के लिए ग्रीन पुलिस बनाने जा रही है. इसका काम प्रदूषण को मापना और पानी में खतरनाक रासायनिकों को बहाए जाने से रोकना है. औद्योगिक विकास के दौर में प्रदूषण बड़ी समस्या है.
बंदरगाह, मछली पालन और पारिस्थितिकी मंत्री कृष्णा पालेमार ने बताया कि हर जिले में लगभग दो ग्रीन पुलिसकर्मी होंगे. वह शनिवार को बैंगलोर में कर्नाटक राज्य प्रदूषण बोर्ड,  बैंगलोर जल आपूर्ति और निकासी बोर्ड (बीडब्लूएसएसबी) और झील विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे.
कर्नाटक में अलग अलग कुल 40 हजार उद्योग हैं जिन में 46 को जल अधिनियम के तहत बंद किए जाने के निर्देश दिए गए हैं. ज्यादातर रंगाई का काम करने वाली इन औद्योगिक इकाइयों को निगरानी के दौरान जल प्रदूषण का दोषी पाया गया. गंदे पानी को जल स्रोतों में बहाने के लिए बीडब्लूएसएसबी के खिलाफ तीन आपराधिक मामले और शहर नगर पालिका परिषद और कस्बा नगर पालिका परिषद के खिलाफ 10 मामले दर्ज किए गए.
सरकार ने हाल ही में दस ग्रीन पुलिसकर्मी तैनात किए जिनमें से दो लोगों को उत्तर कन्नडा जिले के गोकर्ण, मुर्देश्वर, बानावासी, यान और ओम बीच जैसे अहम पर्यटन केंद्रों पर तैनात किया गया. वैसे गौर करने वाली बात यह भी है कि भारत जैसे देश में जहां लोग प्रदूषण की ज्यादा परवाह नहीं करते, दो ग्रीन पुलिसकर्मी कितने कारगर साबित हो पाएंगे. बड़े उद्योग धंधों की वजह से जल प्रदूषण एक बड़ी समस्या के तौर पर उभरा है. हाल ही में मुंबई के तट पर दो जहाजों की टक्कर से हजारों बैरल तेल समंदर में बह गया. डायचे वेले की खबर/ photo google ००२३६  

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पर्यावरण संरक्षण पर एक अनुकरणीय अभियान

>> 28 अगस्त, 2010


जलवायु परिवर्तन की रोकथाम में स्कूली बच्चो की भूमिका पर जागरूकता कार्यक्रम
                                  स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग की गंभीर समस्या के चलते जीवन संकटमय हो गया है। इस संकटपूर्ण स्थिति में कारगर उपाय करके ही पर्यावरण का संरक्षण किया जा सकता है। पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ-साथ व्यापक संख्या में वृक्षारोपण करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से छेड़छाड़ के दुष्परिणाम आज गंभीर चुनौती के रूप में हमारे सामने हैं। इस चुनौती का सामना करने के लिए हर व्यक्ति को एक-एक पौधा लगाकर उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। श्री अग्रवाल आज राजधानी रायपुर के नजदीक माना बस्ती के शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल परिसर में आयोजित 'जलवायु परिवर्तन की रोकथाम में स्कूली बच्चों की भूमिका विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
                             इस कार्यक्रम का आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग, आई.ए.एस.आर.डी. तथा भू-विज्ञान मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना है। इसके प्रथम चरण में रायपुर जिले के सात विकासखण्डों के 50  स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन ५०   स्कूलों में होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से ढाई सौ स्कूलों के बच्चों को पर्यावरण संरक्षण अभियान से जोड़ा जाएगा। माना बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में आस-पास के सात स्कूलों के बच्चे शामिल हुए। इन बच्चों को एक-एक पौधा दिया गया। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने इन बच्चो को उन्हें दिए गए पौधे को उपयुक्त स्थान पर रोपित कर आजीवन उसकी सुरक्षा करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सचेत रहकर समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करने की शपथ दिलायी।

                           
                                        स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आज प्राकृतिक जंगल उजड़ते जा रहे हैं और कांक्रीट के जंगल घने होते जा रहे हैं। विभिन्न उद्योगों की निरन्तर स्थापना,  पेड़-पौधों की अंधा-धुंध कटाई, जमीन के अंदर के पानी के अनियंत्रित दोहन तथा पानी के बेहिसाब उपयोग के कारण पर्यावरण गंभीर रूप से प्रदूषित हो गया है। श्री अग्रवाल ने कहा कि गांवों में भी आज पेयजल और निस्तारी के लिए पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सम्पदा की दृष्टि से सौभाग्यशाली है। प्रदेश के कुल क्षेत्रफल के 50 प्रतिशत से अधिक हिस्से में जंगल है, लेकिन ग्लोबल वार्मिंग के चलते हमारे प्रदेश में भी पर्यावरण प्रदूषण की समस्या तेजी से बढ़ रही है। नयी पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने हमें अभी से पर्यावरण संरक्षण के लिए कारगर उपाय करना होगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ.  रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश में इन दिनों हरियर छत्तीसगढ़ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत प्रदेश में सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। पुराने तालाबों की साफ-सफाई और नये तालाबों का निर्माण भी इस अभियान के तहत किया जा रहा है।


                                            स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में स्कूली बच्चों को जोड़ने का मुख्य उद्देश्य उनमें जागरूकता लाना है। इस कार्यक्रम के तहत बाद में जिला स्तर पर स्कूली बच्चों की प्रतियोगिताएं होंगी। इनके विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रकृति की पूजा हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विभिन्न धार्मिक पर्वो पर नीम, पीपल, वट के अलावा अन्य वृक्षों की पूजा की जाती है। श्री अग्रवाल ने कहा कि स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन के लिए हर आदमी को पेड़-पौधों की सुरक्षा का संकल्प लेना चाहिए। जिला पंचायत रायपुर के पूर्व अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों के मन में प्रदूषण के खिलाफ विचार पैदा करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। पर्यावरण का संरक्षण हमारे संस्कार में शामिल होना चाहिए। प्रत्येक स्कूली बच्चे को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेकर कार्य करना है। विधायक श्री नन्दकुमार साहू,  जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पर्यावरण विद् श्रीमती लीला मेहदले, आई.ए.एस.आर.डी. के डॉ. के.डी. गुप्ता और डॉ. इंदिरा मिश्रा ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर जिला पंचायत रायपुर के उपाध्यक्ष श्री परमेश्वर यदु सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और स्कूली बच्चे उपस्थित थे।
                                  स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने कार्यक्रम में साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। उन्होंने निर्धन छात्र कोष से दस स्कूली बच्चों को आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की। श्री अग्रवाल ने पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल माना बस्ती की प्रशंसा करते हुए स्कूल में कम्प्यूटर लैब स्थापित करने,  बालिकाओं के लिए कॉमन रूम बनवाने तथा बाउण्ड्री वाल निर्माण की स्वीकृति दी।dpr news  00240

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जलवायु परिवर्तन की रोकथाम में स्कूली बच्चो की भूमिका

>> 27 अगस्त, 2010




जलवायु परिवर्तन की रोकथाम में स्कूली बच्चो की भूमिका पर जागरूकता कार्यक्रम

आमंत्रण

बहनो एवं भाईयों ,
                               नमस्कार ,


                  जलवायु परिवर्तन एक गंभीर समस्या है , इस समस्या से हम सब वाकिफ है . पूर्व में भी ग्राम-चौपाल में हम  बहुत कुछ लिख चुके है ,  आगे भी लिखते रहेंगे .हमने इस विषय में कुछ काम भी किये है जिसके ठोस परिणाम सामने आये है .यह एक व्यक्ति प्रान्त या देश का विषय नहीं है बल्कि   पूरे विश्व का विषय  है .बात बहुत  लम्बी हो  जाएगी ,आज   वक्त कम   है , इस पर बाद में चर्चा करेंगे ,इस बीच यदि आपके सुझाव आ गए तो उत्तम होगा .

                      जलवायु परिवर्तन के गंभीर परिणामो के मद्देनजर हम सब को तो जागरूक रहना ही  है साथ ही साथ नई पीढ़ी को भी जागरूक करना है । इसी दृष्टि से इंस्टीट्यूट आफ एप्लाएड सिस्टम आफ रूलर डेवलपमेंट द्वारा भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार  के सहयोग से कक्षा 6वी से लेकर कक्षा 10वीं के छात्र - छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाना है ।इस   कार्यक्रम की शुरुवात रायपुर जिले से हो  रही है,दिनांक   २८ अगस्त २०१० को सुबह ११ बजे रायपुर से १५ की.मी.दूर माना बस्ती में   इस      अभियान     का  शुभारम्भ होगा.मानाबस्ती  में    १२ वर्ष   से    १७ वर्ष आयु वर्ग के लगभग १००० स्कूली बच्चे भाग लेंगे .   महाराष्ट्र सरकार  की सेवानिवृत आतिरिक्त मुख्यसचिव  सुश्री  लीना  मेहेंदले मुख्य  वक्ता  के  रूप  में  उपस्थित  रहेंगी .छत्तीसगढ़ शासन केस्कूली शिक्षा  मंत्री श्री बृजमोहन  अग्रवाल इस कार्यक्रम का शुभारम्भ करेंगे . इंस्टीट्यूटआफ  एप्लाएड  सिस्टम आफ  रूलर  डेवलपमेंट  के  अध्यक्ष श्री डा. के.डी. गुप्ता भी उपस्थित रहेंगे.  अगले  एकमाह तक यह  अभियान   चलेगा . प्रथम  चरण  में  रायपुरशहर ,धरसींवा,  तिल्दा,सिमगा,आरंग,अभनपुर,फिंगेश्वर  एवं  देवभोग  विकास  खंड  के  स्कूली  बच्चोको  प्रशिक्षित  किया  जायेगा।इस हेतु  50 कलस्टर  बनाये गये है जिसमे 250 स्कूलो के बच्चे भाग लेगें .
                                     इस  पुनीत कार्य  में  जनभागीदारी आवश्यक है.सहयोग की अपेक्षा के साथ आपको इस कार्यक्रम में सादर आमंत्रित करता हूँ .   

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भारत में फेसबुक नंबर 1 ?

>> 26 अगस्त, 2010

कॉमस्कोर इंक का सर्वे : अब जीमेल से फोन
 डायचे वेले जर्मनी की रिपोर्ट 
डायचे वेले जर्मनी ने एक सर्वे के आधार पर जानकारी दी है कि अब भारत में भी फेसबुक नंबर वन सोशल नेटवर्किंग साइट बन गई है. उसने गूगल के ऑर्कुट को पीछे छोड़ दिया है. गुरुवार को प्रकाशित सर्वे में ये बात कही गई है. अब तक भारतीय लोगों में ऑर्कुट छाया रहा, लेकिन अब मामला कुछ और है .

भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में दिनोंदिन हो रहे इजाफे को देखते हुए फेसबुक facebook के लिए काफी उत्साहित करने वाली बात है. वेबसाइट्स के इस्तेमाल का सर्वेक्षण करने वाली अमेरिकी फर्म कॉमस्कोर की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में इस साल जुलाई में फेसबुक के 2.9 करोड़ विजिटर रहे हैं. पिछले एक साल में फेसबुक के विजिटर्स की संख्या में यह 179 प्रतिशत बढ़ोतरी है. अब तक भारत में सोशल नेटवर्किंग साइट के मामले में ऑर्कुट का दबदबा कायम था. ताजा आंकड़ों के बाद ऑर्कुट दूसरे स्थान पर आ गया है. जुलाई में इस साइट को 1.99 करोड़ विजिटर्स ने सर्फ किया.  ऑर्कुट विश्व के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल की नेटवर्किंग साइट है. ऑर्कुट के बाद तीसरे नंबर पर है भारत स्टूडेंट,  जिसके विजिटर्स की तादाद करीब 44 लाख थी. वहीं पांचवे स्थान पर रही ट्विटर को 33 लाख लोगों ने सर्च किया.

 भारत में वेबजगत का सर्वेक्षण करने करने वाली अग्रणी कंपनी कॉमस्कोर इंक ने भी अपने ताजा रिपोर्ट में फेसबुक को पहला स्थान दिया है.  बुधवार को जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार भारत में जुलाई 2009 से जुलाई 2010 के बीच सोशल नेटवर्किंग साइटों का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में 43 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. यह सर्वेक्षण कितना सही है ,कितना गलत है यह बहस का मुद्दा हो सकता है  ,  लेकिन इन दिनों बच्चे बूढ़े सब आरकूट एवं फेसबुक facebook के दीवाने हो गएँ है . भारत में गूगल सबसे बड़ा  सर्च इंजन  है तथा  इसकी सेवाएं संतोषजनक  है .

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एक खुशखबरी : अब जीमेल gmail से फोन करें
गूगल कंपनी ने कहा है जीमेल gmail का इस्तेमाल करने वाले लोग अब इमेल से सीधे फोन कर सकते हैं.  इसी के साथ गूगल सीधे स्काइप और पारंपरिक ऑपरेटर्स एटी एंड टी और वेरिज़ोन की प्रतियोगिता में खड़ा हो गया है. बुधवार रात जब गूगल मेल इस्तेमाल करने वालों ने लॉग इन किया तो उन्हें गूगल कॉल के बारे में सूचना मिली. ये गूगल की नई सेवा है. गूगल से ये कॉल अमेरिका और कनाडा के लिए फ्री हैं और दूसरे देशों के लिए बहुत कम कीमत के साथ कॉल किया जा सकता है. ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, चीन, जापान के लिए दो सेंट प्रति मिनट खर्च पर कॉल किया जा सकता है.

 गूगल google ने पहले से ही जीमेल में कंप्यूटर से कंप्यूटर वॉयस और वीडियो चैट शुरू कर दी है.  बुधवार को गूगल ने कहा कि अब ये सीधे घर और मोबाइल पर फोन करने की सुविधा भी शुरू कर रहा है.  जानकारों का कहना है कि ये सर्विस पारंपरिक फोन कंपनियों की तुलना में स्काइप को कड़ी टक्कर दे सकती है.  स्काइप ने भारी प्रतियोगिता के कारण अपने कॉल रेट्स पिछले दिनों काफी कम किए हैं.  हडसन स्क्वेयर के विश्लेषक टोड रेदेमायर का कहना है, "ये स्काइप के लिए खतरा है. ये ऐसा प्रतियोगी है जिसका ब्रैंड नेम बहुत अच्छा है."

 निजी प्रतिभूति कंपनियों और ईबे की मिल्कियत वाले स्काइप ने लोगों को कंप्यूटर से फोन करने की सुविधा पहले से ही दे कर रखी है.   स्काइप ने ही सबसे पहले कंप्यूटर से कंप्यूटर वॉयस और वीडियो चैट शुरू की थी. रेदेमायर कहते हैं कि गूगल की इस सर्विस का अंतरराष्ट्रीय कॉल्स में तो फायदा होगा लेकिन इससे घरेलू फोन को फायदा नहीं होगा. हालांकि पैसिफिक क्रेस्ट के विश्लेषक स्टीव क्लेमेंट कहते हैं, "जो उपभोक्ता इस तरह की सर्विस का इस्तेमाल करेगा, वो लैंड लाइन इस्तेमाल करने वाला पारंपरिक कस्टमर नहीं होगा."

गूगल का कहना है कि मेल से कॉल करना बिलकुल फोन phone की तरह होगा. जीमेल gmail का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति कॉल फोन के विकल्प पर क्लिक कर सकता है और फिर जिससे बात करनी है उसका नंबर टाइप कर सकता है.
संकलनकर्ता - ग्राम चौपाल के लिए अशोक बजाज 
by ashok bajaj 


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पर्यावरण जागरूकता अभियान





पर्यावरण जागरूकता अभियान



 जलवायु परिवर्तन  एक गंभीर समस्या है इससे निपटने के लिए तरह तरह के उपाय किये जा रहें है ,इसी कड़ी में रायपुर जिले में स्कूली बच्चो को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है . जागरूकता कार्यक्रम के तहत  इंस्टीट्यूट आफ एप्लायड सिस्टम एंड रूलर डेवलपमेंट नई दिल्ली द्वारा रायपुर जिले के 6वी से दसवी कक्षा के छात्र -छात्राओं को प्रशिक्षित किया जायेगा । भू -विज्ञान मंत्रालय भारत सरकार एवं स्कूली शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम हेतु धरसींवा, अभनपुर, फिंगेश्वर, देवभोग,  आरंग, तिल्दा एवं सिमगा ब्लाक में ५० कलस्टर बनायें गये है जिसमें लगभग 250 स्कूलो के छात्र भाग लेगे इस कार्यक्रम का शुभारंभ 28 अगस्त को माना बस्ती से किया जायेगा।इस कार्यक्रम के संयोजक के नाते मै आपको आमंत्रित करता हूँ तथा सहयोग की कामना करता हूँ .

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photo by google

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सावन नहीं तो भादों में सही /छत्तीसगढ़ी कविता

>> 25 अगस्त, 2010

भादो म बरसबे, सावन असन
(छत्तीसगढ़ी कविता)


चल दिस  सावन,
पर ते जाबे झन;
सुक्खा हे धरती ,
ते रिसाबे झन;
भादो म बरसबे ,
सावन असन;


उम्मस म पसीना ले,
चुचुवावत  हे बदन;
भविष्य के चिंता म,
बूड़े हे मन ; 
भादो म बरसबे ,
सावन असन;

 

रदरद ले गिरबे ,
गरजबे झन ;
भर जाय तरिया ,
फीज जाय तन;
भादो म बरसबे ,
सावन असन;


आजा ते आजा ,
अगोरत हवन ;
खेत खार ला भरदे ,
करत हन मनन;
भादो म बरसबे,
सावन असन;
                                                - अशोक बजाज

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रक्षाबंधन की बधाई

>> 23 अगस्त, 2010



रक्षाबंधन के पावन  पर्व पर सभी बहनों एवं भाइयों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ !




बधाई के साथ यह भी . . .




और भी ...................




लेकिन शर्त है  इसे बचाएं .............



हम बेटियाँ ईश्वर की वरदान होती है ..
हम बेटियाँ तो नूर -ऐ -जहान होती है ..

दुनिया की सबसे बड़ी खुशी है हम ...
                    इसीलिए तो हर खुशी की खान होती है ..     00241



रक्षाबंधन के सन्देश के लिए कृपया  क्लिक  करें


By google           

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राष्ट्रीय रेडियो श्रोता सम्मेलन

>> 20 अगस्त, 2010

श्रोता दिवस पर रेडियो श्रोताओं का राष्ट्रीय सम्मेलन

रेडियो आज भी सबसे शक्तिशाली माध्यम : श्री बृजमोहन अग्रवाल
.
 रेडियो की महत्ता और उपयोगिता आज भी कायम  : श्री अशोक बजाज
.
श्री मनोहर महाजन की पुस्तक 'यादें रेडियो सिलोन की' विमोचित
.
प्रसिध्द भरथरी गायिका श्रीमती सुरूज बाई खाण्डे को 'कला साधना सम्मान'


छत्तीसगढ़ के पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि सौ करोड़ से भी अधिक आबादी के हिन्दुस्तान में रेडियो आज भी ज्ञान-विज्ञान, मनोरंजन, शिक्षा और सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना के विकास का सबसे सस्ता लेकिन सबसे ज्यादा शक्तिशाली माध्यम है। श्री अग्रवाल आज यहां 'श्रोता दिवस' के अवसर पर छत्तीसगढ़ रेडियो श्रोता संघ और ओल्ड लिस्नर्स ग्रुप ऑफ इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित रेडियो श्रोताओं के एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के संचालक, जिला पंचायत रायपुर के पूर्व अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ रेडियो श्रोता संघ के संरक्षक श्री अशोक बजाज ने की।

आयोजकों के आमंत्रण पर रेडियो सिलोन के पूर्व उद्धोषक श्री मनोहर महाजन, सुश्री विजय लक्ष्मी डिसेरम और श्री रिपुसूदन कुमार इलाहाबादी सहित प्रसिध्द फिल्म और रेडियो कार्यक्रम समीक्षक श्री हरमिन्दर सिंग हमराज विशेष रूप से सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस मौके पर श्री मनोहर महाजन की पुस्तक 'यादें रेडियो सिलोन की' और ओल्ड लिस्नर्स गु्रप रामगढ़ (झारखण्ड) से प्रकाशित की जा रही नवीन त्रैमासिक पत्रिका 'लिस्नर्स बुलेटिन' का विमोचन किया। यह त्रैमासिक शिक्षा, गीत-संगीत और कला संस्कृति से जुड़ी पत्रिका है जो नि:शुल्क वितरित की जाएगी। पर्यटन और संस्कृति मंत्री ने आयोजकों की ओर से छत्तीसगढ़ की प्रसिध्द भरथरी गायिका श्रीमती सुरूजबाई खाण्डे को 'कला साधना सम्मान' और श्री मनोहर महाजन, सुश्री विजय लक्ष्मी डिसेरम और श्री हरमिन्दर सिंग हमराज को 'रेडियो रत्न' के अलंकरण से सम्मानित किया।

सम्मलेन में  श्री मनोहर महाजन, श्री अशोक बजाज एवं श्री ललित शर्मा  

आयोजकों ने सम्मेलन में बताया कि भारत में पहला रेडियो प्रसारण मुम्बई से आज ही के दिन सन् 1921 में शुरू हुआ था। इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने के लिए छत्तीसगढ़ रेडियो श्रोता संघ और ओल्ड लिस्नर्स ग्रुप ऑफ इंडिया ने आज लगातार दूसरे वर्ष 'श्रोता दिवस' अथवा लिस्नर्स डे के रूप में यह आयोजन किया। चेम्बर भवन में आयोजित  सम्मेलन  में छत्तीसगढ़,राजस्थान ,प .बंगाल ,उड़ीसा , गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, झारखण्ड, बिहार और आसाम सहित देश के अन्य अनेक राज्यों से बड़ी संख्या में आए रेडियो श्रोता संघों के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रेडियो हमारे देश की तरक्की के साथ-साथ जनता को शिक्षित और प्रशिक्षित करने का भी एक महत्वपूर्ण  माध्यम है। इसे चलते-फिरते भी आसानी से सुना जा सकता है। आज भी हमारे देश में 75 प्रतिशत आबादी तक रेडियो की आसान पहुंच है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि रेडियो आने वाले समय में टेलीविजन को पीछे छोड़ देगा, क्योंकि आज के अधिकांश टी.व्ही. कार्यक्रमों में विज्ञापन सबसे ज्यादा होते हैं और लोग टी.व्ही. पर कार्यक्रमों के बीच में विज्ञापनों की लम्बी श्रृंखला शुरू होते ही ऊबकर चैनल बदलने लगते हैं, लेकिन रेडियो के साथ ऐसा नहीं होता। श्री अग्रवाल ने कहा कि रेडियो के श्रोता वास्तव में दीवाने होते हैं और उनमें दीवानगी की हद तक रेडियो से जुड़ाव रहता है। श्री अग्रवाल ने चुटकी लेते हुए कहा कि वास्तव में नेता हो या अभिनेता या फिर कोई उदघोषक, इन सबका अस्तित्व श्रोताओं की उपस्थिति पर ही निर्भर है। उन्होंने कहा कि किसी जमाने में रेडियो सिलोन के हिन्दी के कार्यक्रम दुनिया भर में काफी लोकप्रिय हो गए थे। अध्यक्षीय आसंदी से श्री अशोक बजाज ने कहा कि रेडियो उदघोषकों और श्रोताओं के बीच प्रत्यक्ष सम्पर्क और संवाद कायम करना हमारे 'श्रोता दिवस' के इस कार्यक्रम का मुख्य उददेश्य है। श्री बजाज ने कहा कि जाति, धर्म और भाषायी विविधता के बावजूद रेडियो श्रोताओं में भावनात्मक समानता और एकता होती है। रेडियो एक ऐसी चीज है जो हमें राज्य, देश और भाषा की सीमाओं को लांघ कर आपस में जोड़ती है। पूरा परिवार बैठकर रेडियो सुन सकता है। लेकिन आज के अधिकांश टेलीविजन कार्यक्रमों में बढ़ती अश्लीलता चिंताजनक है, जिसकी वजह से ऐसे कार्यक्रम परिवार के साथ बैठकर नहीं देखे जा सकते। श्री बजाज ने कहा कि रेडियो की महत्ता और उपयोगिता आज भी कायम है। अब तो आकाशवाणी के साथ-साथ विभिन्न एफ.एम. चैनल भी रेडियो पर उपलब्ध हैं। रेडियो अब मोबाइल फोन पर भी सुना जा सकता है। रेडियो की उपयोगिता का एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले छत्तीसगढ़ सरकार के हेलीकॉप्टर के गायब होने और दुर्घटनाग्रस्त होने का समाचार आकाशवाणी से सुनकर सुदूर जंगल में गए एक चरवाहे हो जब धातु के बिखरे हुए टुकडे वहां देखने को मिले तो उसे तत्काल यह ख्याल आया कि हो न हो यह उसी हेलीकॉप्टर का मलबा है और उसने तत्काल इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचायी, जिससे शासन-प्रशासन को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकी।

सम्मेलन के विशेष अतिथि, रेडियो सिलोन के पूर्व उदघोषक श्री मनोहर महाजन ने श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैंने रेडियो प्रसारण और अपनी उदघोषणा में हमेशा राष्ट्र भाषा हिन्दी को पहली प्राथमिकता दी। हिन्दी की प्रतिष्ठा बढ़ाना मैंने अपने कैरियर का मुख्य उददेश्य माना। भारत में उस जमाने में फैशन-शो की उदघोषणाएं भी अंग्रेजी में होती थी। श्री महाजन ने छत्तीसगढ़ से जुड़ी अपनी पुरानी यादों को ताजा किया। उन्होंने वर्ष 1975 के अपने छत्तीसगढ़ प्रवास को याद करते हुए कहा कि तब वे एक फैशन शो के कार्यक्रम में उदघोषणा के लिए यहां आए थे और स्थानीय दूरदर्शन केन्द्र ने 'हिन्दी के प्रतिष्ठा यज्ञ में रत मनोहर महाजन' शीर्षक से मेरा एक साक्षात्कार भी प्रसारित किया था। उन्होंने कहा कि रेडियो सिलोन में मैंने सिर्फ छह-सात वर्ष काम किया और सुश्री विजय लक्ष्मी डिसेरम ने लगभग 15 वर्ष वहां काम करने के बाद 24 साल तक वॉयस ऑफ अमेरिका में सेवाएं दी, लेकिन आज भी हमारी पहचान रेडियो सिलोन के नाम से होती है। श्री महाजन ने कहा कि श्रोताओं की वजह से ही उदघोषकों को पहचान मिलती है। श्री महाजन ने श्रोताओं की भावनाओं से सहमत होते हुए रेडियो सिलोन के हिन्दी प्रसारण की अवधि बढ़ाने के लिए सभी लोगों से मिलकर पहल करने का आग्रह किया। इस अवसर पर सुश्री विजय लक्ष्मी डिसेरम, श्री रिपुसूदन कुमार इलाहाबादी और श्री हरमिन्दर सिंग हमराज तथा आकाशवाणी केन्द्र ग्वालियर की उदघोषिका सुश्री शारदा पाण्डेय ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सम्मेलन में आकाशवाणी रायपुर और अम्बिकापुर के अनेक उदघोषक भी उपस्थित थे। ओल्ड लिस्नर्स ग्रुप ऑफ इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री महेन्द्र मोदी ने कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन किया। उनकी संस्था की ओर से इस मौके पर गरीब परिवारों के कुछ प्रतिभावान स्कूली बच्चों का भी सम्मान किया गया। छत्तीसगढ़ रेडियो श्रोता संघ के अध्यक्ष श्री परसराम साहू सहित संघ के अनेक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में रेडियो श्रोता कार्यक्रम में उपस्थित थे। dpr news 00257 

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ब्लागिंग में अर्धशतक

>> 19 अगस्त, 2010

मेरे 50 वे पोस्ट में आपका हार्दिक स्वागत है

आप सब ब्लागर मित्रों के सहयोग एवं हौसला अफजाई का ही परिणाम है कि मैं मात्र 88 दिनों के सफ़र में  अर्धशतक तक पहुँच पाया हूँ . मेरा पहला पोस्ट "जल जो न होता तो ये  जग जाता जल" दिनांक 22 मई को प्रकाशित हुआ था, उसके.बाद मैंने ब्लाग में.ज्यादा रूचि नहीं दिखाई लेकिन एक दिन अचानक धुरंधर लिख्खाड़ भाई ललित शर्मा से भेंट हुई चर्चा के दौरान मैने पर्यावरण  से सम्बंधित लेख की चर्चा की तब मुझे नहीं मालूम था कि वह ब्लागिंग की दुनिया में काफी लम्बा मुकाम तय  कर चुका है उसने मुझे नियमित  लिखने की सलाह दी. लिखने का शौक मुझे बचपन से है लेकिन अन्य व्यस्तताओं के चलते कई अरसे से लेखनी का कार्य बंद सा हो गया था कभी कभी अख़बारों के लिए लिखता रहा. लेकिन ललित भाई की सलाह मिलते ही मैं ब्लागिंग में नियमित रूप से आने लगा. मैं लिखता गया प्रशंसक बनते गए सब ने मेरा हौसला अफजाई किया इसका  नतीजा आपके सामने है.   मैं आप सब का ह्रदय से आभारी हूँ. जय हिंद....!!!!  


माह अगस्त-2010

अमेरिका ने माना भारत का लोहा

आचार्य श्रीराम शर्मा की सूक्तियाँ
विचार तत्व

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद ही अंतिम विकल्प

भारत की विश्व को देन

अर्जुन सिंह ने राज को और गहरा दिया ?

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद

E.V.M. पर विवाद

देशबंधु में अगस्त क्रांति

शिवालयों में जलाभिषेक

हरियाली

 रेडियो श्रोता सम्मेलन

 ब्लॉग 4 वार्ता

महंगाई डायन और छत्तीसगढ़

आभार - 2

बेमौसम शादी ?

चुनाव आयोग और ई. व्ही.एम. की विश्वसनीयता

आभार

सपनों की सच्चाई को जिसने दिया आकार है

अगस्त यानि क्रांतिकारी महीना

बेड़ा पार

विचार तत्व
 
    माह जुलाई 2010  
 
राजर्षि पुरूषोत्तम दास टंडन की जयंती पर विशेष

यथार्थवादी साहित्यकार मुंशी प्रेमचन्द

छत्तीसगढ़ में राम

विचार तत्व

समाचार पत्रों का आभार - 2

महंगाई व नक्सलवाद मुद्दे पर उलझी लोकसभा व विधानसभा...

सावन की झड़ी

आया सावन : भाया सावन : छाया सावन

अपरम्पार है गुरू की महिमा

समाचार पत्रों का आभार

रेडियो प्रसारण दिवस

भामाशाह जिन्दा है

मनुष्य

भारत पाक वार्ता : शांति बनाम क्रांति

प्रदूषण के खिलाफ जंग-- हरियर अभियान

महंगाई डायन खाय जात है.........

रुपए की धाक

पहले अंडा आया या मुर्गी ?

ब्लॉग 4 वार्ता: सावधान! खतरनाक जीवों से,विश्वास का...

भविष्यवक्ता पॉल बाबा

दिन है सुहाना आज पहली तारीख है
 
  माह जून - 2010 
 
माँ

नशाखोरी की बढ़ती प्रवृति समाज के लिए घातक

मोदी-नीतिश विवाद

नवां अंजोर
 
  माह मई -2010
 
जल है तो कल है

जल जो न होता तो ये जग जाता जल 00260

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