Blogger द्वारा संचालित.
ग्राम चौपाल में आपका स्वागत है * * * * नशा हे ख़राब झन पीहू शराब * * * * जल है तो कल है * * * * स्वच्छता, समानता, सदभाव, स्वालंबन एवं समृद्धि की ओर बढ़ता समाज * * * * ग्राम चौपाल में आपका स्वागत है

मेरी नेपाल यात्रा ( पहली किस्त )

>> 19 जुलाई, 2011

नेपाल एक  हिंदू राष्ट्र है

MAP OF  NEPAL
हिमालय पर्वतमाला की वादियों में बसे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण पावन धरा नेपाल  में 9 जुलाई से 12 जुलाई 2011 को आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय  सहकारी सेमीनार में भाग लेने का अवसर मिला.इस सेमीनार का आयोजन राष्ट्रीय सहकारी बैंक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान बैंगलोर ने किया था . इन चार दिनों में नेपाल की प्रकृति, संस्कृति, रहन सहन, वेशभूषा, कृषि, पर्यटन एवं धर्म सम्बंधी अनेक जानकारी हमें मिली. नेपाल सांवैधानिक दृष्टि से एक अलग राष्ट्र है ; यहाँ का प्रधान, निशान व विधान भारत से अलग है, लेकिन रहन-सहन, बोली-भाषा और वेशभूषा लगभग एक जैसी है .नेपाल हमें स्वदेश जैसा ही प्रतीत हुआ .यह मेरी पहली विदेश-यात्रा थी . नेपाल यात्रा की पहली किश्त ------

भारत की सीमा से लगा नेपाल एक  हिंदू राष्ट्र है. यहां की आबादी लगभग 3 करोड़ है, जिसमें से 81  प्रतिशत लोग हिन्दू  है.हिन्दुओं का इतना अधिक प्रतिशत भारत में भी नहीं है. हिंदू और बौद्ध संस्कृतियों का अनूठा संगम भी नेपाल में दिखाई देता है.  यहां की संस्कृति व भारत की संस्कृति में अनेक मूलभूत समानताएं है, पड़ोसी देश होने के कारण नेपाल और भारत के बीच काफी सांमजस्य है. दोनों देशों  की नागरिकता  भले ही अलग अलग है लेकिन लोगों के आने-जाने के लिए वीजा, पासर्पोट की जरूरत नही है.नेपाल का उत्तरी हिस्सा हिमालय पर्वतमाला से घिरा हुआ है. विश्व की दस सबसे ऊँची चोटियों में से  आठ नेपाल में है. दुनिया की सबसे ऊँची चोटी एवरेस्ट भी यहीं  है .समुद्री सतह से 8848 मीटर यानी 29029 फीट ऊँचीं इस चोटी को स्थानीय लोग "सागरमाथा" कहते हैं,यह नेपाल और चीन की सीमा पर स्थित है . इसके साथ ही यहाँ 20000 फीट तक की ऊँचाई वाली 240 चोटियाँ है.हिमालय की गोद में बसा नेपाल अपनी प्राचीन संस्कृति के लिए जाना जाता है और अपनी प्राकृतिक सुन्दरता  की वजह से यह पर्यटकों की पसंदीदा जगह है.नेपाल पर्यटन के लिए पर्वतारोही कमाई का एक महत्वपूर्ण जरिया है. माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए नेपाल सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है . यह कृषि प्रधान देश है. यहां की मुख्य फसल धान व मक्का है ; पर यह भी सच है कि नेपाल दुनिया के सबसे ग़रीब देशों में से एक है.

 नेपाल की राजधानी  काठमांडू है. काठमांडू उपत्यका के अन्दर ललीतपुर (पाटन), भक्तपुर, मध्यपुर और किर्तीपुर नाम के नगर भी हैं अन्य प्रमुख नगरों में पोखरा, विराटनगर, धरान, भरतपुर, वीरगञ्ज, महेन्द्रनगर, बुटवल, हेटौडा, भैरहवा, जनकपुर, नेपालगञ्ज, वीरेन्द्रनगर, त्रिभुवननगर आदि है. नेपाल 14 अंचल (प्रान्त ) और 75  जिलों में विभाजित है .  क्रमशः
(my nepal tours)     

4 टिप्पणियाँ:

प्रवीण पाण्डेय 19 जुलाई 2011 को 11:41 pm  

नेपाल के बारे में जानना अच्छा लगा।

PRAMOD KUMAR 20 जुलाई 2011 को 12:40 pm  

आपकी नेपाल यात्रा के इस संस्मरण से देशवासिओं को अपने पडोसी देश नेपाल के बारे में, वहां की संस्कृति-पर्यटन आदि के बारे में ज्ञानवर्धक एवं रोचक जानकारियां प्राप्त होगी. नेपाल यात्रा की दूसरी किस्त की प्रस्तुति का बेसब्री से इंतजार रहेगा. यदि दूसरी किस्त की प्रस्तुति सचित्र हो तो और भी अच्छा रहेगा. आपको विदेश यात्रा की बहुत-बहुत बधाई........भगवान पशुपतिनाथ आपकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण करेंगे.

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) 20 जुलाई 2011 को 9:21 pm  

ज्ञानवर्द्धक और उपयोगी आलेख.नेपाल-यात्रा की योजना बनाने में बहुत सहायक साबित होगा.

जाट देवता (संदीप पवाँर) 28 जुलाई 2011 को 8:05 pm  

जब भी मौका मिला नेपाल देखना जरुर है।

एक टिप्पणी भेजें

About This Blog

  © Blogger template Webnolia by Ourblogtemplates.com 2009

Back to TOP