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हरियाली के लिए पानी और पानी के लिए हरियाली जरूरी

>> 29 जुलाई, 2011


हरियाली के लिए पानी और  पानी के लिए हरियाली जरूरी है
आज हरियाली का पर्व है , छत्तीसगढ़ में इस पर्व को हरेली कहा जाता है .  यह पर्व हमें धरती को हरा भरा कर वायुमंडल को शुद्ध व स्वच्छ बनाये रखने का संकेत देता है .हमें यदि शुद्ध आक्सीजन चाहिए तो अधिक से  अधिक पेड़ पौधे लगाने होंगे . वनों को विनाश से बचाना होगा . 

छत्तीसगढ़ में इस पर्व की विशेष महत्ता है , एक ओर किसान जहाँ अपने कृषि  औजारों  की पूजा करते है तो दूसरी ओर बच्चे बांस की गेड़ी चढ़कर घूमते व मस्ती करते है . आज से ही त्योहारों का सिलसिला भी शुरू हो जाता है , इसीलिये हरेली त्यौहार को इस सीजन का प्रथम त्यौहार माना जाता है. आगे एक के बाद एक पर्व आयेंगें जैसे रक्षा बंधन , पोला , तीज , श्री गणेशोत्सव आदि आदि . उसके बाद नव-रात्रि , दशहरा और दिवाली भी तो सामने है . परन्तु किसानों के लिए तो खरीफ पर्व चल रहा है , इसके लिए पर्याप्त बरसात जरुरी है . इस बार मानसून की बेरूखी के कारण वर्षा कम हुई है . सावन के महीने में भी गर्मी सता रही है . तालाब , कुएं व बांध  अभी तक भरे नहीं है जबकि सावन में इन्हें ओवर फ्लो हो जाना था . हरियाली के लिए पानी और  पानी के लिए हरियाली जरूरी है , शायद इसीलिये बुजुर्गों ने सावन की अमावस्या को हरियाली पर्व के रूप में मनाने की परंपरा डाली होगी .

आप सबको हरियाली अमावस्या की ढेर सारी बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं .   

8 टिप्पणियाँ:

ब्लॉ.ललित शर्मा 30 जुलाई 2011 को 5:46 am  

जल है तो जीवन है
जीवन है तो हरियाली

हरेली तिहार की हार्दिक बधाई

Babli 30 जुलाई 2011 को 6:18 am  

छत्तीसगढ़ में हरेली पर्व मनाई जाती है जिसके बारे में विस्तारित रूप से जानकर अच्छा लगा! बढ़िया जानकारी मिली! पानी बहुत ही आवश्यक है हरियाली बरक़रार रखने के लिए! आपको एवं आपके परिवार को हरेली पर्व की बधाइयाँ और शुभकामनायें!

Rahul Singh 30 जुलाई 2011 को 8:25 am  

पानी, हरियाली और सावन का पावन संयोग.

सतीश सक्सेना 30 जुलाई 2011 को 12:32 pm  

आभार आपका भाई जी !
हरियाली अमावस्या पर आपको शुभकामनायें देता हूँ !

प्रवीण पाण्डेय 30 जुलाई 2011 को 6:48 pm  

एक दूजे के प्रेरक पूरक।

PRAMOD KUMAR 30 जुलाई 2011 को 6:53 pm  

हरियाली और पानी दोनों ही एक-दूसरे के पूरक होने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व को बचाये रखने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आपके द्वारा किये जा रहे अथक प्रयासों को मैं नमन् करता हूं तथा ‘‘हरेली‘‘ के शुभ एवं पावन पर्व की ढेर सारी शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित करता हूं............! 

मनोज कुमार 31 जुलाई 2011 को 12:18 am  

आपको भी हरियाली अमावस्या की ढेर सारी बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं .

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