Blogger द्वारा संचालित.
ग्राम चौपाल में आपका स्वागत है * * * * नशा हे ख़राब झन पीहू शराब * * * * जल है तो कल है * * * * स्वच्छता, समानता, सदभाव, स्वालंबन एवं समृद्धि की ओर बढ़ता समाज * * * * ग्राम चौपाल में आपका स्वागत है

कार्तिक पूर्णिमा, प्रकाश उत्सव एवं 11/11/11 का महासंयोग

>> 10 नवंबर, 2011


   
11/11/11  का महासंयोग
                      
ज कार्तिक पूर्णिमा  एवं प्रकाश पर्व  है और कल  यानी 11 नवंबर 2011 को एक के अंक की छः  आवृत्तियां 11.11.11 एक साथ है . है ना यह  दुर्लभ संयोग ? ऐसा दुर्लभ संयोग सौ साल में एक बार आता है . इस वर्ष 2011 में यह दुर्लभ संयोग चौथी बार आया है . पहली बार  1 जनवरी 2011 को एक की चार आवृत्तियां 1.1.11 एक साथ थी . दूसरी बार 11 जनवरी को जब पांच आवृत्तियां 11.1.11 एक साथ थी .  तीसरी बार यह दुर्लभ संयोग आया 1.11.11  को और चौथी बार कल यानी  11.11.11 को अंकीय संयोग आया है . इस दिन  11.11.11 को घड़ी का कांटा 11 बज कर 11 मिनट और 11 सेकण्ड पर आएगा तब यह अंकीय महा संयोग होगा . अवश्य आप इस वक्त को अविस्मरनीय बनाने की जुगत में होंगें .

कार्तिक पूर्णिमा
भारतीय संस्कृति में कार्तिक मास की पूर्णिमा का धार्मिक एवं आध्यात्मिक माहात्म्य है. दीपावली, यम द्वितीया और गोवर्धनपूजा के अलावा इस मास के सांस्कृतिक पर्वो में यह पर्व असीम आस्था का संचार करता है. वर्ष के बारह महीनों में पंद्रह पूर्णिमाएं होती हैं. जब अधिक मास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 16 हो जाती है परन्तु कार्तिक मास की पूर्णिमा का  धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से विशेष महत्व है. इसे त्रिपुरी पूर्णिमा नाम से भी जाना जाता है. 

इस पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा की संज्ञा इसलिए दी गई है क्योंकि आज के दिन ही भगवान भोलेनाथ ने त्रिपुरासुर नामक महाभयानक असुर का अंत किया था और वे त्रिपुरारी के रूप में पूजित हुए थे.ऐसी मान्यता है कि इस दिन कृतिका में शिव शंकर के दर्शन करने से सात जन्म तक व्यक्ति ज्ञानी और धनवान होता है. इस दिन चन्द्र जब आकाश में उदित हो रहा हो उस समय शिवा, संभूति, संतति, प्रीति, अनुसूया और क्षमा इन छ: कृतिकाओं का पूजन करने से शिव जी की प्रसन्नता प्राप्त होती है. कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान तथा दीपदान की प्राचीन परम्परा है. इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से भी पूरे वर्ष स्नान करने का फल   मिलता है.

प्रकाश उत्सव 
कार्तिक पूर्णिमा के दिन  सिखों के प्रथम  गुरू गुरूनानक देवजी का  जन्मोत्सव  प्रकाश उत्सव के रूप में मनाया जाता है . गुरु नानक देवजी का प्रकाश (जन्म) 15 अप्रैल 1469 ई. (वैशाख सुदी 3, संवत्‌ 1526 विक्रमी) में तलवंडी रायभोय नामक स्थान पर हुआ था . सुविधा की दृष्टि से गुरु नानक का प्रकाश उत्सव कार्तिक पूर्णिमा को मनाया जाता है. तलवंडी अब ननकाना साहिब के नाम से जाना जाता है. तलवंडी पाकिस्तान के लाहौर से 30 मील दक्षिण-पश्चिम में स्थित है.
 

जीती नौखंड मेदनी सतिनाम दा चक्र चलाया
भया आनंद जगत बिच कल तारण गुरू नानक आया

कार्तिक पूर्णिमा एवं प्रकाश उत्सव  की आपको हार्दिक  बधाई एवं शुभकामनाएं !

7 टिप्पणियाँ:

संगीता पुरी 10 नवंबर 2011 को 7:34 am  

बहुत अच्‍छी जानकारी ..

आपको भी कार्तिक पूर्णिमा एवं प्रकाश उत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं !!

जी.के. अवधिया 10 नवंबर 2011 को 8:38 am  

सुन्दर जानकारी!

कार्तिक पूर्णिमा और प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ!

jainanime 10 नवंबर 2011 को 9:26 am  

आपको भी कार्तिक पूर्णिमा और प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनायें -अनिमेष जैन

PRAMOD KUMAR 10 नवंबर 2011 को 6:55 pm  

आपको भी गुरु पूर्णिमा एवं प्रकाश पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं .............!

Swarajya karun 11 नवंबर 2011 को 12:30 am  

प्रकाश पर्व की हार्दिक बधाई और अशेष- अनन्त शुभकामनाएं .

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) 12 नवंबर 2011 को 1:49 am  

तिथि,पूर्णिमा व प्रकाश-पर्व का त्रिवेणी संगम.संगम है तो पावन होना ही है.बधाई.

Praveen 14 नवंबर 2011 को 5:33 pm  

एक और जानकारी
यदि आप अपनी जन्म तिथि के वर्ष के अंतिम दो अंकों के साथ अपनी उम्र जोडेंगे तो आपको २०११ हि मिलेगा .
उदहारण के लिए आपका जन्म वर्ष १९८४ है और उम्र २७ है, इसके अंतिम दो अंक ८४ में अपनी उम्र २७ जोड़े तो २०११ प्राप्त होगा.
try it.

एक टिप्पणी भेजें

About This Blog

  © Blogger template Webnolia by Ourblogtemplates.com 2009

Back to TOP