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भारत पाक युद्ध के चालीस साल

>> 20 दिसंबर, 2011



भारत-पाक युद्ध की तस्वीर ( गूगल से साभार ) 
भारत-पाक के बीच हुआ 1971 का युद्ध स्वतंत्र भारत के इतिहास में हमेशा अविस्मरनीय रहेगा . तब हम मात्र 14-15 साल के थे तथा हायर सेकेंडरी के छात्र थे . एक दिन स्कूल में सुबह प्रार्थना  ख़त्म होने के बाद प्राचार्य ने रुकने का संकेत दिया ; उनके हाथ में एक ट्रांजिस्टर था . उन्होंने ट्रांजिस्टर आँन किया और हम सबको भारत पाकिस्तान युद्ध की जानकारी दी . उन दिनों टेलीविजन नहीं पहुंचा था . युद्ध के समाचार रेडियो या अखबारों से ही मिलते थे . स्वाभाविक रूप से इस युद्ध की खबरों में हम सबकी दिलचस्पी रहती थी . भारतीय सैनिकों के शहीद होने , हताहत होने की खबर पाकर बड़ा क्रोध आता था . अखबारों में शहीदों के परिजनों व घायलों को आर्थिक मदद देने की खबरें भी प्रतिदिन भी छपती थी . हम सबने अपने स्कूल से भी सहायता राशि इकट्ठी कर प्रेषित किया था . सहायता राशि देने वालों के नाम अखबारों में भी छपते थे . एक दिन सारे विद्यार्थी चंदा इकट्ठा  करने  सड़क में चले गए तथा वाहनों को रोक रोक कर कुछ राशि एकत्रित की गई . यह खबर जब स्कूल तक पहुँचीं तब दूसरे दिन प्रार्थना के बाद  सबकी खूब खिचाई हुई थी , हमारी शहादत तो पहले से तय थी .    


खैर इस युद्ध को चार दशक पूरे हो चुके है .पाकिस्तान के खिलाफ इस जंग में  90 हजार से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया था. उस समय भारतीय सेना की कमान फील्ड मार्शल जनरल मानेक शॉ जैसे अनुभवी व कुशल सेनानायक के हाथ में थी. वे राजनैतिक दबाव की परवाह किये बगैर  अपनी रणनीति पर डटे रहे  तथा  युद्ध में  90,000 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों को ढाका में युद्धबंदी बना कर, भारत को दुनिया के इतिहास में अभूतपूर्व  विजय दिलाई थी . फील्ड मार्शल जनरल मानेक शॉ का 27 जून 2008 को  निधन हो गया . वे बड़े ही साहसी कर्मवीर थे , वे जीवन से भले ही हार गए लेकिन जीवन में कभी हारना नहीं सीखा . वे इस  युद्ध के हीरो थे , उनका नेतृत्व काबिले तारीफ था.




3 टिप्पणियाँ:

PRAMOD KUMAR 22 दिसंबर 2011 को 2:11 pm  

भारत-पाक युद्ध एवं भारत की ऐतिहासिक विजय के 40 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय सेना को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें। इस युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों को विनम्र श्रद्धांजलि तथा इस विजय के पैरोकार फील्ड मार्शल जनरल मानेक शॉ की वीरता, शौर्य और पराक्रम को शत्-शत् नमन्..............!

संध्या शर्मा 22 दिसंबर 2011 को 6:36 pm  

भारत-पाक युद्ध की ऐतिहासिक विजय के लिए भारतीय सेना को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें... युद्ध में शहीद सैनिकों को विनम्र श्रद्धांजलि तथा इस विजय के हीरो फील्ड मार्शल जनरल मानेक शॉ की वीरता पराक्रम को शत्-शत् नमन्.....

"उस समय भारतीय सेना की कमान फील्ड मार्शल जनरल मानेक शॉ जैसे अनुभवी व कुशल सेनानायक के हाथ में थी. वे राजनैतिक दबाव की परवाह किये बगैर अपनी रणनीति पर डटे रहे"
आपके इस सुविचार का स्वागत है...

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) 23 दिसंबर 2011 को 8:59 pm  

अविस्मरणीय दिनों की याद आ गई.

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