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डा. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ महतारी को नौलखा पहनाया

>> 28 दिसंबर, 2011

 

छत्तीसगढ़
त्तीसगढ़ में 1 जनवरी 2012  से 9 नए जिलों के निर्माण की अधिसूचना जारी हो गई है . राज्य में अब जिलों की संख्या 18 से बढ़ कर 27 हो गई है . कभी यहाँ सिर्फ 7 जिले हुआ करते थे -- रायपुर,दुर्ग ,राजनांदगांव,बस्तर ,बिलासपुर, रायगढ एवं  सरगुजा . तब यह अविभाजित मध्यप्रदेश का हिस्सा था . 6 जुलाई 1998 को मध्यप्रदेश में 16 नए जिले बनाये गए जिसमें से 9 इस अंचल के थे . ये है  धमतरी,महासमुंद,कवर्धा, कांकेर,दंतेवाडा , कोरबा , जांजगीर-चांपा,जशपुर और कोरिया . छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय कुल 16 जिले थे .  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वर्ष 2007 में दो नये जिलों- बीजापुर और नारायणपुर का गठन किया था, जबकि इस वर्ष 2011 में उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नौ नये जिलों के निर्माण की घोषणा की है जिनमें बेमेतरा, बलौदाबाजार, बालोद, बलरामपुर, गरियाबंद, मुंगेली, सूरजपुर, कोण्डागांव और सुकमा शामिल हैं, जो उनकी घोषणा के अनुरूप ये जिले जनवरी 2012 से अस्तित्व में आ गए और प्रदेश में जिलों की संख्या 18 से बढ़कर 27 होगई है  .            

जहाँ तक रायपुर जिले का सवाल है लगभग 14 वर्षों बाद इस जिले का पुनः विभाजन हुआ है . 24 विकासखंडों एवं 20 विधानसभा क्षेत्रों में फैले इस जिले की गिनती कभी देश के वृहत जिलों में होती थी . 6 जुलाई 1998 को इस जिले को विभाजित कर  धमतरी एवं महासमुंद जिले का निर्माण किया गया . चार विकासखंडों--धमतरी,नगरी,कुरूद एवं मगरलोड को धमतरी जिले में  तथा पांच विकासखंडों- महासमुंद,बागबहरा,पिथौरा,बसना एवं सरायपाली को महासमुंद जिले में शामिल किया गया .जिले के तीन टुकड़े  होने के बावजूद भी पंद्रह विकासखंड अभनपुर,धरसीवां,तिल्दा,सिमगा,भाटापारा,बलौदाबाजार,पलारी,कसडोल,बिलाईगढ़,आरंग,फिंगेश्वर,छुरा,गरियाबंद,मैनपुर एवं देवभोग इस जिले में रह गए थे.

रायपुर जिले का नया आकार
 नए विभाजन में रायपुर जिले को पुनः तीन भागों में विभाजित किया गया है. जिले के पंद्रह विकास खण्डों में से  बलौदाबाजार ,  भाटापारा , सिमगा , पलारी , कसडोल एवं  बिलाईगढ़ को मिलाकर बलौदाबाजार तथा फिंगेश्वर,छुरा,गरियाबंद,मैनपुर एवं देवभोग को मिलाकर गरियाबंद जिले का निर्माण किया गया है .अब रायपुर जिले  में मात्र चार विकास खंड अभनपुर , आरंग ,धरसीवां एवं तिल्दा  ही शेष रह गए है . हालाँकि इसमें रायपुर शहर भी शामिल है जो धरसीवां विकासखंड का हिस्सा है . अब इस जिले का आकार काफी छोटा हो गया है . पहले कहाँ 24 विकासखंड और अब दूसरे विभाजन के बाद मात्र 4 विकासखंड रह गए है . जिलों के नए रेखांकन के बाद अब पुराना रायपुर जिला पांच भागों रायपुर,धमतरी,महासमुंद,बलौदाबाजार एवं गरियाबंद में विभाजित हो गया है . कभी ये पांच तहसील हुआ करते थे अब पांचों तहसील जिले का आकर ले चुके है  .

अभी देवभोग ब्लाक के तेल नदी के आगे के ग्रामीणों को लगभग 250 की.मी. की दूरी तय कर जिला मुख्यालय रायपुर आना पड़ता था अब उन्हें गरियाबंद आने के लिए मात्र  150 - 160 की.मी. की दूरी तय करनी पड़ेगी . इसी प्रकार बिलाईगढ़ ब्लाक के लोगों को बलौदाबाजार आने के लिए अधिकतम  125 की.मी. की दूरी तय करनी पड़ेगी .  इससे आम लोगों को काफी राहत मिलेगी ,वे आसानी से जिला मुख्यालय तक पहुँच सकेंगें .       
    
राज्य बनाने के बाद रायपुर जिले का विभाजन  प्रशासनिक दृष्टि से काफी लाजिमी हो गया था . राजधानी होने के कारण प्रशासनिक अमले का सारा ध्यान रायपुर में ही लगा रहता है , सुदूर के क्षेत्रों में प्रशासन की पकड़ मजबूत बनाने के लिए डा. रमन सरकार ने बेहतर निर्णय लिया है . नए जिलों के निर्माण से एक ओर जहाँ आम लोगों की अड़चने दूर होंगीं तो दूसरी ओर  सरकार को अपने विकास के दृष्टिकोण को अमलीजामा पहनाने में सुविधा होगी. सरकार की इस उपलब्धि को कई पीढ़ी तक याद किया जायेगा . मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने 9 नए जिलों का निर्माण कर  छत्तीसगढ़ महतारी को सबसे महंगे आभूषण नौलखा से विभूषित किया है .  
प्रखर समाचार में ग्राम चौपाल 





2 टिप्पणियाँ:

Swarajya karun 31 दिसंबर 2011 को 8:54 am  

ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारी पर आधारित सम-सामयिक आलेख के लिए आभार. छत्तीसगढ़ में नए कैलेण्डर वर्ष २०१२ का स्वागत नौ नए जिलों के निर्माण से हो रहा है .यह एक सुखद ,यादगार, उत्साहजनक और ऐतिहासिक घटना है. इसका सम्पूर्ण श्रेय डॉ. रमन सिंह और उनकी सरकार को है. उन्होंने इस नए राज्य की विकास यात्रा में एक नया कीर्तिमान बनाया है.उन्हें और आपको नए वर्ष के आगमन पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं .

PRAMOD KUMAR 31 दिसंबर 2011 को 12:17 pm  

प्रशासनिक कसावट एवं शासकीय योजनाओं की बेहतर मॉनिटरिंग की दृष्टि से 9 नये जिले के गठन
का एतिहासिक निर्णय एक स्वागत योग्य कदम है। इस सूझबूझ और दूरदर्शी निर्णय के लिए प्रदेश के मुखिया
मान0 डॉ0 रमनसिंह बधाई के पात्र हैं। दि 01.01.2012 निश्चित ही नवगठित 9 जिले के लोगों के लिए अविस्मरणीय एवं
नव-वर्ष का सर्वोत्तम उपहार होगा। मान0 डॉ0 रमनसिंह द्वारा जनहित में लिये गये इस महत्वपूर्ण निणर्य का राजनैतिक
लाभ भी आने वाले चुनावों में भाजपा को मिलेगा। रायपुर जिले की रोचक एतिहासिक और ज्ञानवर्द्धक जानकारी के प्रस्तुतिकरण लिए आपको धन्यवाद्.....................!

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