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2020 तक हाहाकार मचा देगा जलवायु परिवर्तन

>> 26 फ़रवरी, 2011



 जलवायु परिवर्तन का असर इसी दशक में इतने भयानक रूप में सामने आ सकता है कि दुनिया में हाहाकार मच सकता है. 2020 तक ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से पांच करोड़ से ज्यादा लोग बेघरबार   हो जाएंगे.

अमेरिका के वॉशिंगटन में जारी एक साइंस कान्फ्रेंस में वैज्ञानिकों ने कहा कि ये पांच करोड़ लोग भूखे मरने की हालत में होंगे.  इन्हें अपने घर छोड़कर दुनिया के उत्तर की तरफ भागना होगा. अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द अडवांसमेंट ऑफ साइंस (एएएएस) की सालाना बैठक में कैलिफॉर्निया विश्वविद्यालय की प्रोफेसर क्रिस्टीना तिरादो ने कहा,  "यूएन के अनुमान के मुताबिक 2020  तक दुनिया में पांच करोड़ से ज्यादा पर्यावरणीय शरणार्थी होंगे. जब लोग जीने की हालत में नहीं रह पाते तभी वे अपने घरों को छोड़कर दूसरी जगह जाते हैं."

कम हो रहा है खाना

बैठक में वैज्ञानिकों ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का असर दिखने लगा है. यह हमारे भोजन को प्रभावित कर रहा है. दक्षिणी यूरोप में तो अफ्रीका से शरणार्थी पहुंचने भी लगे हैं. यह फिलहाल बहुत धीमा है लेकिन लगातार हो रहा है. कई लोग तो अपनी जान खतरे में डालकर सीमाएं पार कर रहे हैं.

हाल ही में ट्यूनिशिया में सत्ता पलटने के बाद काफी बड़ी तादाद में लोग यूरोपीय देशों में आ गए हैं. मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के इवेन टोड कहते हैं कि इसकी वजह खाने की कमी, बेरोजगारी और गरीबी है. टोड कहते हैं कि यह सिर्फ शुरुआत है. उन्होंने कहा, "हमने ट्यूनिशिया में देखा कि जैसे ही सरकार बदली, हजारों लोग इटली की तरफ भाग गए. यह जल्दी ही एक चलन बन जाएगा. अफ्रीकी लोग पहले ही जर्मनी, स्पेन और आसपास के देशों में जा रहे हैं. ऐसे लोगों की संख्या और बढ़ेगी. इसकी वजह खाने पर बढ़ता दबाव है."

गरीबी बढ़ेगी

टोड कहते हैं कि मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीकी देशों के बहुत सारे देशों में राजनीति, धर्म और दूसरे मुद्दों का घालमेल हो चुका है लेकिन असली बात गरीबी ही है. वैज्ञानिकों के मुताबिक मौसम में हो रहे बदलाव का असर खाद्य सुरक्षा पर पड़ रहा है. अमेरिका के कृषि मंत्रालय में वैज्ञानिक रे नाइटोन कहते हैं कि सर्दियां गर्म हो रही हैं जिसकी वजह से पौधों को बीमार करने वाले कीट ज्यादा समय तक जिंदा रहते हैं और गर्मियां आते ही फसलों पर हमला कर देते हैं.

नाइटोन ने कहा, "जलवायु परिवर्तन का एक असर बारिश पर भी दिखाई दे रहा है. फसल कटने के मौसम में बारिश हो रही है जिससे फसलें संक्रमित होकर खराब हो जाती हैं." यह सब खाद्य सुरक्षा पर असर डाल रहा है.



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शांति और खुशहाली के लिए होंगे और भी बेहतर प्रयास : डॉ. रमन सिंह

>> 23 फ़रवरी, 2011



मुख्यमंत्री शामिल हुए संत समागम में

रायपुर 23 फरवरी 2011


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि नया छत्तीसगढ़ राज्य अब एक नई करवट ले रहा है। प्रदेश की दो करोड़ से अधिक जनता विकास के एक दशक को पार कर अब ग्यारहवे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। इस दौरान राज्य शासन द्वारा विगत सात वर्षो में आम जनता के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं से पूरे देश में छत्तीसगढ़ की पहचान बनी है। गरीबों के लिए शुरू की गई अत्यंत किफायती चावल की योजना को अब केन्द्र सरकार पूरे देश में लागू करने जा रही है। डॉ. सिंह ने कहा कि भगवान राजीव लोचन और संत महात्माओं के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ में सुख-शांति, समृध्दि और खुशहाली लाने के लिए आने वाले वर्षो में और भी अधिक बेहतर प्रयास राज्य सरकार द्वारा किये जाएंगे। राजिम कुंभ ने छत्तीसगढ़ को देश के सांस्कृतिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलायी है।

मुख्यमंत्री आज रात महानदी, सोंढुर और पैरी नदियों के पवित्र संगम पर आयोजित राजिम कुंभ के छठवें दिन विशाल संत समागम को संबोधित कर रहे थे। उन्होनें कहा कि भगवान राजीव लोचन की कृपा, संत महात्माओं के आशीर्वाद और जनता के सहयोग से राजिम कुंभ का यह छठवां आयोजन यहॉ किया गया है मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राजिम कुंभ का ही एक अच्छा और सुखद प्रभाव है कि इन छह वर्षो में छत्तीसगढ़ पर अकाल का कोई प्रभाव नहीं पड़ा, बल्कि देश का यह नया राज्य और भी अधिक तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ता चला जा रहा है। पलायन की पीड़ा से छत्तीसगढ़ मुक्त हुआ है। सकल घरेलू उत्पाद की दृष्टि से राज्य की विकास दर 11.49 प्रतिशत रही जो देश में सबसे ज्यादा है। इसमें छत्तीसगढ़ ने गुजरात जैसे पुराने और विकसित राज्य को भी पीछे छोड़ दिया। डॉ. सिंह ने संत समागम मे पधारे गोवर्धन मठ, पुरी के जगत्गुरू शंकराचार्य स्वामी निष्चलानंद सरस्वती सहित देश भर से आए संत महात्माओं का स्वागत करते हुए कहा कि इनके आगमन से छत्तीसगढ़ की धरती धन्य हुई है। मुख्यमंत्री ने राजिम कुंभ में श्रध्दालुओं की सुविधा के लिए छह करोड़ रूपए की लागत से बनवाए गए एनीकट का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें आगामी वर्षो में छह फीट से भी ज्यादा पानी रहेगा। आने वाले वर्षो में राजिम कुंभ को इसकी गरिमा के अनुरूप बेहतर से बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। संत समागम में प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास और धर्मस्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू, खाद्य मंत्री श्री पुन्नू लाल मोहले, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार राय, छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, राजिम विधायक श्री अमितेष शुक्ल, संत कवि और पूर्व सांसद श्री पवन दीवान, पूर्व मंत्री श्री अजय चंद्राकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में भक्तजन उपस्थित थे। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि छत्तीसगढ़ के इस पावन तीर्थ राजिम में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा कानून बनाकर राजिम कुंभ की परम्परा की शुरू की गई । जहां धर्मात्माओ का राज होता है वहां परमात्मा का वास होता है। श्री अग्रवाल ने कहा कि कोई भी कुंभ साधु-संतों के बिना सार्थक नहीं होता। राजिम कुंभ साधु-संतों वाणी से ही चरितार्थ हो रहा है। उन्होने कहा कि साधु-संतो के आशीर्वाद से हम छत्तीसगढ़ को एक ऐसा आदर्श राज्य बनाएंगे जहां धर्म की रक्षा हो,  सुख शांति हो और कोई भूखा न रहे। छत्तीसगढ़ धर्म धरा है। राजिम कुंभ के माध्यम से धर्मध्वजा पूरे विश्व में लहराएगी। कृषि मंत्री श्री चंद्रषेखर साहू ,खाद्य मंत्री श्री पुन्नू लाल मोहले और विधायक श्री अमितेष शुक्ल ने भी संत समागम में अपने विचार व्यक्त किए। गोवर्धन मठ, पुरी के पीठाधीश्वर जगत गुरू शंकराचार्य स्वामी निष्चलानंद महाराज ने इस अवसर पर आशीष वचन में लोगों को मांस-मंदिरा जैसी सामाजिक बुराईयों से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वैदिक संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्र निर्माण के लिए वैदिक संस्कृति और संस्कारों के अनुरूप समाज के विकास और जनकल्याण के लिए शासन तंत्र को तत्पर रहना चाहिए। स्वामी निश्चलानंद महाराज ने कहा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर विकास करना पूरे विश्व के लिए लाभदायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने संत समागम के अवसर पर भगवान राजीव लोचन के मंदिर में पूजा अर्चना की और छत्तीसगढ़ सहित सम्पूर्ण राष्ट्र की सुख-समृध्दि और खुशहाली के लिए उनसे आशीर्वाद मांगा। डॉ.  सिंह ने इस मौके पर पुरी पीठाधीश्वर जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद जी सहित सभी आमंत्रित साधु-संतों से भी आशीर्वाद प्राप्त किया।

राजिम कुंभ की झलकियाँ









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बीबीसी रेडियो की हिंदी सेवा बंद करने का निर्णय दुर्भाग्यजनक

>> 21 फ़रवरी, 2011

बीबीसी रेडियो की हिंदी सेवा बंद करने का निर्णय अत्यंत ही दुर्भाग्यजनक है. बीबीसी वर्ल्ड सर्विस का यह निर्णय रेडियो श्रोताओं के लिए कुठाराघात से कम नहीं है.  यह दुनिया जानती है कि बीबीसी रेडियो के कार्यक्रमों की गुणवत्ता किसी अन्य रेडियो सर्विस से कम नहीं है.बीबीसी रेडियो के समाचार त्वरित, विश्वसनीय एवं प्रमाणित होते हैं.सन् 1975 की इमरजेंसी में जब भारत में प्रेस सेंसर शिप लागू था तब बीबीसी रेडियो ही सही समाचार प्रसारित करता था. मै छत्तीसगढ़ रेडियो श्रोता संघ रायपुर एवं अहिंसा रेडियो श्रोता संघ का संयोजक हूँ इस नाते देश भर के श्रोताओं की ओर से बीबीसी प्रबंधन के फैसले का तीब्र विरोध करते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करता हूँ.







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वीकेंड में शराब तो तबि‍यत खराब

>> 20 फ़रवरी, 2011

 सप्ताहांत में पीने वालों के लि‍ए शराब खतरनाक


हफ्ते के अंत में अत्यधिक शराब पीने वालों के लिए बुरी खबर है।  रोजाना शराब पीने वालों की तुलना में सप्ताहांत में पीने वाले लोगों के जीवन को ज्यादा खतरा हो सकता है। 

फ्रांस के ट्यूलूस विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने यह खुलासा किया है। उन्होंने फ्रांस के तीन कस्बों में अधे़ड़ अवस्था वाले लोगों की पीने की आदतों की तुलना उत्तरी आयरलैंड के बेलफास्ट के लोगों से की। समाचार 'डेली मेल' ने ब्रिटेन की एक चिकित्सा पत्रिका की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि फ्रांस के नागरिकों ने एक सप्ताह में करीब 30 यूनिट शराब का सेवन किया।

उत्तरी आयरलैंड के प्रांत अलस्टर के लोगों ने एक सप्ताह में करीब 22 यूनिट शराब पी। रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस के नागरिकों में रक्तचाप की मात्रा ज्यादा पाई गई। इनमें से ज्यादातर लोग मधुमेह के शिकार थे जबकि दोनों देशों के लोगों में कोलेस्ट्राल का स्तर एक पाया गया।

शोधकर्ताओं ने बताया कि यह महत्वपूर्ण रूप से पाया गया कि फ्रांस के नागरिकों ने शराब का सेवन करीब पूरे सप्ताह थोड़ी-थोड़ी मात्रा में किया। जबकि अलस्टर के लोगों ने सप्ताह के अंतिम दो दिनों में जमकर शराब पी।

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के मुताबिक यह नया शोध अधेड़ अवस्था वाले लोगों के लिए चेतावनी है। वे शराब का सेवन अत्यधिक मात्रा में कर उससे हृदय का सुरक्षात्मक प्रभाव खो देते हैं।

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' राजिम कुंभ '

>> 18 फ़रवरी, 2011

आज माघ पूर्णिमा है ,आज के दिन प्रति वर्ष छत्तीसगढ़ के प्रयाग राज के नाम से प्रसिध्द तीर्थ राजिम में चित्रोत्पला गंगा महानदी के किनारे माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि यानी 15 दिनों तक भव्य मेला भरता है.राजधानी रायपुर से लगभग 45 कि.मी. दूर राजिम में महानदी,पैरी एवं सोढुल इन् तीन नदियों का संगम है .त्रिवेणी संगम पर भगवान कुलेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर है.  नदी के दाई ओर राजिम तथा बाई ओर नवापारानगर है ,जो आसपास का एक बडा व्यवसायिक केन्द्र है .राजिम में भगवान राजीव लोचन का भव्य एवं प्राचीन मन्दिर है जहाँ बारहों महिने श्रद्धालु दर्शन करने आते है इस मन्दिर परिसर में ही भक्तिन राजीम तेलिन का मन्दिर है .कहाँ जाता है कि भक्तिन राजीम तेलिन के नाम से ही इस नगरी का नाम राजिम पडा .

परम्परागत वार्षिक पुन्नी मेला पिछले पाँच वर्षों से ' राजिम कुंभ ' के रूप में आयोजित किया जाने लगा है . यह छठवां वर्ष है इसलिए इस वर्ष इस मेले को अर्द्ध-कुंभ का नाम दिया गया है .छतीसगढ़ शासन द्वारा मेले की व्यापक तैयारियां की गई है .आप सबने इस मेले में आने की तैयारी कर ली होगी यदि नही की है तो तत्काल तैयारी कर लें .
 
आपको माघ पूर्णिमा एवं राजिम अर्द्ध-कुंभ की बहुत बहुत बधाई  !!!

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हिंदी में ट्विटर

>> 17 फ़रवरी, 2011



इतिहास सृजन के नाम पर ‘ट्विटर’ की साइबर निगरानी ईरान के लोगों से संपर्क करने के लिए अरबी और फारसी ट्विटर अकाउंट बनाने के बाद अब अमेरिकी विदेश विभाग ने चीनी, रूसी और हिंदी भाषा में भी ट्विटर अकाउंट शुरू किया है. दुनिया के लोगों से उनकी भाषा में बात करने का है इरादा.

इंटरनेट की आजादी पर जॉर्ज वॉशिंगटन  यूनिवर्सिटी में भाषण देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री हिलैरी क्लिंटन ने कहा,  "अमेरिका दुनिया भर के लोगों के साथ बातचीत जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है,  पिछले हफ्ते हमने ट्विटर पर अरबी और फारसी में संदेश भेजना शुरू किया, फ्रेंच और स्पेनिश में हम पहले से ही ऐसा कर रहे हैं. अब हिंदी, रूसी और चीनी भाषा में भी ये संदेश भेजने की व्यवस्था शुरू की जा रही है."'

क्लिंटन का कहना है कि इस सेवा के जरिए अमेरिका अब लोगों से हर वक्त दोतरफा और सीधी बातचीत कर सकेगा अगर किसी देश की सरकार ने इंटरनेट की आजादी पर पाबंदी नहीं लगाई है तो.  अमेरिकी विदेश मंत्री ने इशारों इशारों में बता दिया कि चीन, क्यूबा, ईरान, म्यांमार, सीरिया और वियतनाम जैसे देशों में इंटरनेट पर सेंसरशिप है. हिलेरी ने कहा, "चीन में सरकार कंटेंट पर सेंसर लगाती है और इंटरनेट सर्च में मांगी गई पेज की जगह एरर आ जाता है. इसी तरह म्यांमार में स्वतंत्र न्यूज वेबसाइट की सेवा में बाधा खड़ी की जा रही है. क्यूबा की सरकार एक राष्ट्रीय इंटरनेट तैयार कर रही है और लोगों को ग्लोबल इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करने दिया जा रहा." हिलेरी ने बताया कि वियतनाम में सरकार के खिलाफ लिखने वाले ब्लॉगरों को गिरफ्तार किया जा रहा है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है.

अमेरिकी विदेश मंत्री के मुताबिक,  "ईरान में सरकार विपक्षी पार्टियों औऱ मीडिया वेबसाइटों के अलावा स्थानीय सामाजिक मीडिया पर भी रोक लगा रही है. अपने ही लोगों को नीचा दिखाने के लिए पहचान से जुड़ी सूचनाओं की चोरी की जा रही है."

हिलेरी ने बताया कि सीरिया ने पिछले हफ्ते फेसबुक और यूट्यूब से प्रतिबंध हटा दिया लेकिन एक किशोरी पर जासूसी का आरोप लगा कर उसे पांच साल के लिए जेल भेज दिया गया. इस लड़की की गलती बस इतनी थी कि उसने अपने ब्लॉग पर राजनीतिक कविता लिखी थी. हिलेरी ने कहा, "अभिव्यक्ति का मंच हासिल करने की मांग तब तक पूरी नहीं होगी जब तक उन्हें इस्तेमाल करने वालों को जेल में डाला जाता रहेगा."



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जापानी महिलाओं का क्रांतिकारी कदम ?

>> 15 फ़रवरी, 2011


सामान्यत: शादी के बाद महिलाओं का उपनाम (सरनेम ) बदल जाता है ,भारत में यह परंपरा सदियों से चली आ रही है । जापान में भी यही परम्परा है ,ताजा जानकारी के अनुसार जापानी नागरिकों के एक समूह ने देश के उस कानून को अदालत में चुनौती दी है, जिसमें महिलाओं को शादी के बाद अपना उपनाम बदलना होता है।करीब 113 साल पुराने इस कानून के तहत शादीशुदा जोड़ों को शादी के बाद कोई एक उपनाम चुनना होता है,परंपरानुसार सामान्यत: पुरुष का ही होता है। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि कानून देश में महिलाओं के संवैधानिक समानता के अधिकारों का हनन करता है।

चार महिलाओं तथा उनमें से एक के जोड़ीदार सहित पाँच लोगों ने सरकार से अपनी परेशानियों के लिए साठ लाख येन (70 हजार अमेरिकी डॉलर) की माँग की है और स्थानीय सरकारी कार्यालयों से उनके अलग-अलग उपनाम के सर्टिफिकेट देने को कहा है। उनका तथा उनके समर्थकों का कहना है कि यह मुकदमा उपनाम संबंधी कानून को चुनौती देने वाला पहला मामला है। साथ ही यह प्रधानमंत्री नाओतो कान के लिए भी चुनौती है,क्यों कि उन्होंने शादीशुदा जोड़ों को अलग-अलग उपनाम रखने की इजाजत देने के लिए कानून में बदलाव का वादा किया था।

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बालोद विधान सभा उप-चुनाव

>> 10 फ़रवरी, 2011

        इन दिनों गुरुर वि.ख. के ग्राम पलारी में चुनाव के सिलसिले में रुकें है ,यह गाँव दुर्ग जिले के बालोद विधान  सभा के  अंतर्गत  आता  है  .पिछले  तीन फरवरी  से  हम  ग्राम    पलारी,देवकोट,भिरई ,सनौद, सांगली,हसदा,बोहारा,अरकार,डोटोंपार ,ओझागहन, अरमरी कलां , पडकीभाट,पिकरीपार,कोसागोंदी ,खेरथा एवं तिलखैरी में भ्रमण कर रहें है .कृषि की दृष्टि से बहुत ही पुष्ट इलाका है.खेतों में चने एवं सरसों की फसल लहलहा रही है , रवी फसल की तैयारी भी जोरों पर है . किसान धान की रोपाई में व्यस्त है .दूसरी तरफ राजनैतिक दल के कार्यकर्ता चुनाव प्रचार में मशगूल है .यहाँ 14 फरवरी को उप-चुनाव के लिए मतदान होना है.

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चिट्ठाजगत का वनवास समाप्त

>> 04 फ़रवरी, 2011

          ब्लोगरों के लिए आज खुशखबरी है कि चिट्ठाजगत का वनवास  समाप्त हो गया है,अभी जैसे ही मैं अपने ब्लॉग में गया चिट्ठाजगत के दर्शन हुए .चिट्ठाजगत के बगैर ब्लोगिंग का कार्य अधूरा लगता है अब पुनः प्रारंभ होने से ब्लोगरों में नए उत्साह का संचार हुआ है .काफी प्रतीक्षा के बाद चिटठा महाराज प्रकट हुए है,ब्लॉग जगत में उनके पुनर्प्रवेश पर बधाई तथा स्थायित्व के लिए शुभकामनाएं .

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शराब बंदी से गांवों में बनेगा बेहतर वातावरण : डॉ. रमन सिंह

>> 03 फ़रवरी, 2011

प्रदेशवासियों की ओर से मुख्यमंत्री का अभिनंदन

   रायपुर 03 फरवरी 2011

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने स्वस्थ और समृध्द छत्तीसगढ़ बनाने के लिए प्रथम चरण में आगामी अप्रैल माह से दो हजार की आबादी वाले गांवों में ढाई सौ शराब दुकानों को बंद करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय पर गंभीरता से अमल किया जाएगा। इससे गांवों में एक स्वस्थ और बेहतर वातावरण बनेगा।
    डॉ. सिंह ने आज यहां अपने निवास पर 'जनदर्शन' कार्यक्रम में उनके अभिनंदन के लिए राज्य भण्डार गृह निगम अध्यक्ष श्री अशोक बजाज के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में आए पंच-सरपंचों, ग्रामीणों और महिला स्व-सहायता समूहों से चर्चा करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने शराब की सामाजिक बुराई के खिलाफ प्रदेश के गांवों में खास तौर पर महिलाओं में आ रही सामाजिक चेतना और जागृति की विशेष रूप से प्रशंसा की। डॉ. सिंह ने कहा कि शराब मनुष्य के व्यक्तिगत और सामाजिक स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। इसलिए प्रदेश सरकार ने एक सौ करोड़ रूपए से भी अधिक राजस्व घाटे की परवाह न करते हुए प्रथम चरण में ढाई सौ शराब दुकानों को एक अप्रैल 2011 से बंद करने का निर्णय लिया है।
    उल्लेखनीय है कि  छत्तीसगढ़ को नशा-मुक्त राज्य के रूप में विकसित करने के लिए पहले कदम के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की इस घोषणा से ग्रामीण क्षेत्रों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। विशेष रूप से महिलाएं शासन के इस निर्णय से काफी खुश हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री से आज यहां 'जनदर्शन' कार्यक्रम में रायपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आए किसानों, पंच-सरपंचों और महिला स्व-सहायता समूहों के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। श्री अशोक बजाज ने नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने नशा-मुक्त छत्तीसगढ़ निर्माण की ऐतिहासिक पहल के लिए प्रदेश की जनता की ओर से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। उन्होंने डॉ. रमन सिंह को सौंपे गए अभिनंदन पत्र में शासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि नशा-मुक्ति और सामाजिक सुधार की दिशा में यह फैसला 'मील का पत्थर' साबित होगा। राजस्व घाटे की परवाह किए बिना प्रदेश की जनता और उनके परिवारों की खुशहाली तथा समृध्दि के लिए राज्य सरकार ने जनहित में यह स्वागत योग्य निर्णय लिया है। जनकल्याण के इस महत्वपूर्ण फैसले के लिए छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से हम सब डॉ. रमन सिंह का अभिनंदन करते हैं।




    प्रदेश सरकार द्वारा अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आबकारी अधिनियम में कड़े प्रावधान करने की घोषणा का प्रतिनिधि मंडल ने अभिनंदन पत्र में जिक्र किया है। डॉ. रमन सिंह ने इस मौके पर जिला पंचायत रायपुर के तत्कालीन अध्यक्ष के रूप में श्री अशोक बजाज द्वारा 'नशा हे खराब-झन पिहु शराब' के लोकप्रिय नारे के साथ रायपुर जिले में नशा-मुक्ति के लिए चलाए गए जन-जागरण अभियान का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अभिनंदन के लिए आए इस प्रतिनिधि मंडल में ग्राम परसुलीडीह, डोमीतराई, नयापारा, अभनपुर, हसदा, चिपरीडीह, बेलर, छाटा, गोकुलपुर, आरंग, केन्द्री, खोला, बेन्द्री और चंडी सहित अनेक गांवों के लोग शामिल थे। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। प्रतिनिधि मंडल में सर्वश्री ललित शर्मा, दयालुराम, राघवेन्द्र साहू, माधव प्रसाद मिरी, सूरज साहू, दीपक दीवान, योगेश साहू, दशरथ लाल साहू, उमेश यादव, हृदयराम साहू, ईश्वर धु्रव, सुधा साहू, निर्मला साहू, शशि ठाकुर, मोंगरा साहू, मनीषा सांकरे, वर्षा देवांगन, कमला देवांगन, रूकमणी निषाद और बिन्दु सेन सहित सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल थे।

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नशामुक्ति की दिशा में छग सरकार के बढ़ते कदम

>> 02 फ़रवरी, 2011

मुख्य मंत्री डा.रमन सिंह की अध्यक्षता में  दिनांक 28.01.2011 को छत्तीसगढ़ कैबिनेट  ने   दो हजार की जनसंख्या वाले गांवों की 250 शराब दुकानों को 1 अप्रेल 2011 से बंद करने तथा शराब की अवैध बिक्री रोकने आबकारी एक्ट में कड़े प्रावधान करने का ऐतिहासिक  फैसला लिया है .इस निर्णय से शासन को एक सौ करोड़ रुपए की प्रति वर्ष  राजस्व की हानि होगी .

सरकार का यह नशामुक्ति की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है  . सरकार शराबियों ,शराब-निर्माताओं तथा शराब विक्रेताओं  के खिलाफ कड़े कानून बना कर कार्यवाही करना चाहती है इसीलिए  सरकारी राजस्व की हानि की परवाह किये बगैर मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने यह साहसिक फैसला लिया है .  हालाँकि हम यह भी जानते है कि सरकार के कानून से नशा खोरी को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता .सरकार केवल शराब के उत्पादन वितरण और खपत को ही नियंत्रित कर सकती है लेकिन उसके सेवन को नियंत्रित करना समाज का काम है .वर्तमान में नशाखोरी की बढ़ती प्रवृति इतनी बढ़ गई है कि उसके प्रवाह को रोक पाना संभव नहीं है , कम से कम सरकार के लिए तो यह असंभव है . इसके लिए समाज में जन जागरण जरुरी है , जन-जागरण के अलावा और कोई बेहतर विकल्प नहीं है .  क्योकि सरकार तो शराब दुकानें बंद कर देगीं लेकिन पीने के शौकीन लोग कहीं ना कहीं से अपना इंतजाम कर ही लेंगे , यदि शराब नहीं मिली तो क्या हुआ ,बाजार में अन्य नशीले पदार्थों की भरमार है . कुछ नशीले पदार्थ तो शराब से भी ज्यादा खतरनाक है जो बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाते है . अतः बेहतर तो यही होगा कि हम नई पीढ़ी को इस जहर से दूर ही रहने दें .हमने इसीलिये कुछ वर्षों से जन-जागरण करके अनेक लोंगों को नशापान से  मुक्त कराया .इसके लिए जो नारा दिया गया - " नशा हे ख़राब- झन पीहू शराब "  यह गाँव गाँव में काफी प्रसिद्द हुआ है . प्रदेश में अनेक धार्मिक ,सामाजिक एवं स्व-सेवी संस्थाएं भी इस काम में जुटी है . इन सबको अपना प्रयास और तेज करना होगा पहले तो आप स्वयं अकेले थे लेकिन अब सरकार का समर्थन भी आपके साथ है .सरकार एवं समाज दोनों मिलकर समाज को  पूरी तरह नशामुक्त कर सकते है .  मैं सरकार के वर्तमान कदम की सराहना करता हूँ . मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह एवं उनकी सरकार इसके लिए साधुवाद की पात्र है .





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