Blogger द्वारा संचालित.
ग्राम चौपाल में आपका स्वागत है * * * * नशा हे ख़राब झन पीहू शराब * * * * जल है तो कल है * * * * स्वच्छता, समानता, सदभाव, स्वालंबन एवं समृद्धि की ओर बढ़ता समाज * * * * ग्राम चौपाल में आपका स्वागत है

हिन्दी बेचारी और मेरी लाचारी

>> 14 सितंबर, 2012

व्यंग लेख  

लेडीज़ एंड जेंटलमेन,
     गुड मार्निंग


पूरे इण्डिया में 14 सितंबर को औपचारिक रूप से हिंदी दिवस मनाया गया. मेरा स्कूल मीडियम इंगलिश है तो क्या हुआ यहाँ भी हिंदी दिवस पर गोष्ठी का प्रोग्राम रखा गया.  हमारे प्रिंसिपल  मि. के. पी. नाथ ने हिंदी की महत्ता पर प्रकाश डाला तथा हिंदी की गरिमा बढ़ाने पर बल दिया. हिंदी के टीचर मि. टी.आर. गर्ग ने हिंदी के प्रचार प्रसार हेतु महत्वपूर्ण टिप्स दिये.प्रोग्राम के अंत में उन्हें हिंदी की उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित कर एक मोमेंटो प्रदान किया गया . स्कूल से लौटते वक्त हमें रोड में जगह जगह हिंदी दिवस के पोस्टर दिखाई दिये. घर पहुचते ही मैने थोड़ा ब्रेकफास्ट लिया और रोज की तरह बैट बाल लेकर समीप के क्रिकेट ग्राउंड की तरफ निकल गया . पिंटू को भी साथ लेकर जाना था उसका घर आन द वे है , उसके घर "ग्रीन हॉउस" में एंट्री करते ही पिंटू के डैडी प्रभाकर अंकल मिले उन्हें नमस्ते किया और पिंटू के साथ क्रिकेट खेलने निकल गया . ग्राउंड में पहले से ही अनेक फ्रेंड्स मौजूद थे . एक-दूसरे को हाय हैलो करने के बाद हम लोग क्रिकेट खेलने लगे , कुछ देर खेलने के बाद हम लोग गप्प मारने बैठ गए . यहाँ भी हिंदी दिवस की चर्चा शुरू हो गई . सभी मित्र अपने अपने स्कूल में हुए प्रोग्राम पर कमेन्ट करने लगे. किसी ने कहा कि हमें हिंदी बोलने की प्रेक्टिस करनी चाहिए क्योकि हिंदी हमारी मातृ भाषा है अतः हमें हिंदी को इंपोर्टेंस देना चाहिए. किसी ने अंगरेजी की वकालत की तो कुछ ने दोनों भाषा को सामान रूप से अपनाने पर बल दिया , इस बीच अचानक तेज बारिस होने लगी और हम सब अपने अपने व्हीकल से घर की ओर भागे. हिंदी दिवस पर हमारी चर्चा अधूरी ही रही, मैंने सोचा घर पहुँच कर मम्मी-डैडी से हिन्दी दिवस पर चर्चा करूँगा. घर पहुंचा तो देखा कि डैडी आफिस से लौटकर सेक्सपियर के उपन्यास में खोये हुए है तथा मम्मी टी.व्ही.सीरियल देखनें में व्यस्त है. मैंने कपड़े चेंज किये और पोर्च में बैठकर बारिस के पानी के तेज प्रवाह से चिथड़े चिथड़े हो कर बहते हुए हिंदी न्यूज पेपर के टुकड़ों को टकटकी लगाये देखता रहा.
आपका - आर.सी.गंग
                             आप सबको हिंदी दिवस की ढेर सारी बधाई

6 टिप्पणियाँ:

ब्लॉ.ललित शर्मा 15 सितंबर 2012 को 8:26 am  

हिंग्लिश का बहुत अच्छा प्रयोग किया है आपने। राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान परिषद (NCRT) को इसे पाठ्यक्रम में सम्मिलित करना चाहिए। हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री राज-काज की भाष हिन्गलिश को बनाना चाहते हैं। उनकी भावनाओं का भी सम्मान होना चाहिए।

सुज्ञ 15 सितंबर 2012 को 3:27 pm  

खूब!!

रास्ते में पिंटू का घर है = पिंटू का घर ऑन द वे है:)
मित्र मौजूद थे = फ्रेँड मौजूद थे :)


आपका लेख बहुत एंजॉय किया.

Ramakant Singh 15 सितंबर 2012 को 5:22 pm  

बहुत खुबसूरत लेख सदैव की भांति सुन्दर अति सुन्दर हिंदी दिवस की शुभकामनाएं

Rahul Singh 15 सितंबर 2012 को 7:14 pm  

यही आम हो गया है.

mahendra mishra 15 सितंबर 2013 को 5:58 pm  

बहुत ही रोचक प्रस्तुति ... हिंदी दिवस पर हार्दिक बधाई शुभकामनाएं ...

एक टिप्पणी भेजें

About This Blog

  © Blogger template Webnolia by Ourblogtemplates.com 2009

Back to TOP