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छत्तीसगढ़ के रमणीय नौ साल

>> 05 दिसंबर, 2012



 7 दिसंबर को प्रदेश की प्रथम निर्वाचित सरकार का दसवें वर्ष में प्रवेश

नये छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. रमन सिंह इस महीने की सात तारीख को अपने कार्यकाल के नौ वर्ष पूर्ण कर दसवें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। डॉ. सिंह इस अवधि में इसी महीने की 12 तारीख को अपने द्वितीय कार्यकाल के चार साल पूर्ण कर पांचवे वर्ष में प्रवेश करेंगे। गांव, गरीब और किसानों की बेहतरी तथा समाज के सभी वर्गो की तरक्की और खुशहाली के लिए विगत नौ वर्षो में डॉ. सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को मिली सफलता ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायी है। रमन सरकार के ये नौ साल छत्तीसगढ़ के नव-निर्माण के नौ साल के रूप में देखे जा रहे हैं।
 स्वयं भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने पिछले महीने की छह तारीख को नया रायपुर में आयोजित राज्योत्सव अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ को देश का सबसे तेज गतिमान राज्य बताकर अपनी बधाई और शुभकामनाएं दी। साक्षरता, शिक्षा, कृषि, सिंचाई, बिजली, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य आदि हर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने डॉ.रमन सिंह के नेतृत्व में सफलता का परचम लहराकर वास्तव में तेज गतिमान राज्य होने का प्रमाण दिया है। राज्य निर्माण की बारहवीं वर्षगांठ पर यहां आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय निवेशक सम्मेलन (ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट) में विदेशी राजदूतों सहित देश-विदेश से आए निवेशकों ने छत्तीसगढ़ को विकास की अपार संभावनाओं वाले राज्य के रूप में जाना, पहचाना और उनके माध्यम से यह नया राज्य दुनिया के मानचित्र में नयी उम्मीदों के उदीयमान प्रदेश के रूप में छा गया।
उल्लेखनीय है कि पेशे से आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. सिंह ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रथम आम चुनाव में मिले ऐतिहासिक जनादेश के साथ नये राज्य की पहली निर्वाचित सरकार के मुखिया के रूप में सात दिसम्बर 2003 की सुबह राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में हजारों नागरिकों की उपस्थिति में शपथ ग्रहण कर राज्य की विकास यात्रा की कमान सम्हाली थी। छत्तीसगढ़ विधानसभा का दूसरा आम चुनाव 14 नवम्बर 2008 और 20 नवम्बर 2008 को हुआ। इसकी मतगणना आठ दिसम्बर 2008 को हुई, जिसमें डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व को दोबारा ऐतिहासिक जनादेश मिला और उन्होंने अपने द्वितीय कार्यकाल में 12 दिसम्बर 2008 को आम जनता की उपस्थिति में उसी पुलिस परेड मैदान में एक बार फिर प्रदेश के निर्वाचित मुख्यमंत्री के रूप में जनता की सेवा के लिए शपथ ग्रहण किया। कवर्धा उनका गृह नगर जरूर है, लेकिन रायपुर शहर से भी उनका उतना ही पुराना आत्मीय रिश्ता है। इसी शहर में उन्होंने प्रदेश के प्रथम और इकलौते शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय से वर्ष 1975 में बी.ए.एम.एस. की उपाधि हासिल कर कवर्धा के एक गरीब मोहल्ले में डॉक्टर के रूप में जनसेवा की शुरूआत की थी। डॉक्टर होने के नाते मरीजों की नब्ज की जितनी गहरी समझ उनमें हैं, उतनी ही गहराई से वह जनता की भावनाओं और लोगों के दिल की धड़कनों को भी महसूस कर लेते हैं। यही कारण है कि योजनाओं के निर्माण में वह केवल दिमाग से नहीं बल्कि दिल से निर्णय लेते हैं।
मुख्यमंत्री के रूप में उनके नेतृत्व में लगातार लिए जा रहे विभिन्न प्रकार के लोक हितैषी अनोखे निर्णय एक लोकतांत्रिक सरकार की संवेदनशीलता और सामाजिक प्रतिबध्दता की वजह से देश भर में चर्चा का विषय बन गयी है। उनकी सार्वजनिक वितरण प्रणाली में लाखों गरीबों तक सुव्यवस्थित रूप से सस्ते अनाज की नियमित आपूर्ति ने योजना आयोग और केन्द्र सरकार के अनेक मंत्रियों सहित देश के कई राज्यों का ध्यान आकर्षित किया है। यहां तक कि योजना आयोग ने तो कुछ समय पहले अपनी एक बैठक में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अन्य राज्यों में मॉडल के रूप में अपनाने की सलाह दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने भी एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कहा था कि जब छत्तीसगढ़ इस प्रणाली को इतने सुचारू रूप से संचालित कर सकता है, तो देश के अन्य राज्य भी ऐसी ही व्यवस्था क्यों नहीं अपनाते ? डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में संचालित ग्राम सुराज और नगर सुराज अभियान गांवों के साथ-साथ शहरी जनता की समस्याओं को हल करने के लिए उनके संवेदनशील चिंतन की झलक पेश करते हैं। ये दोनों ही अभियान सरकारी मशीनरी और जनप्रतिनिधियों को वर्ष में एक बार गांवों और शहरों में जनता के बीच एक समयबध्द कार्यक्रम बनाकर जाने के लिए प्रेरित करते हैं। रमन सरकार ने वर्ष 2007 से 2012 के बीच ग्यारह नये जिलों का गठन कर प्रदेश के पिछड़े इलाकों में शासन-प्रशासन को जनता के नजदीक पहुंचाने में सफलता हासिल की है। नये जिलों के गठन से वहां प्रशासनिक गतिविधियों के साथ विकास प्रक्रिया भी तेज हो गयी है।
 लाखों किसानों की कर्ज मुक्ति, उनके लिए कृषि ऋणों पर ब्याज दर को लगातार कम करते हुए मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर ऋण सुविधा दिलाना, छत्तीसगढ़ को देश के प्रथम और इकलौते विद्युत कटौती मुक्त राज्य की श्रेण्ाी में लाना, लगभग 34 लाख गरीब परिवारों के लिए मात्र एक रूपए और दो रूपए किलो में हर महीने 35 किलो अनाज की व्यवस्था, नि:शुल्क दो किलो आयोडिन नमक वितरण, हाई स्कूल स्तर की बालिकाओं को नि:शुल्क सायकल, किसानों के लिए अलग कृषि बजट, आदिवासी क्षेत्रों के त्वरित और समग्र विकास के लिए बस्तर और सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों के लिए अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण और सामान्य विकासखण्डों के लिए ग्रामीण विकास प्राधिकरण का गठन, राज्य में आठ नये विश्वविद्यालयों की स्थापना, कृषि, इंजीनियरिंग और चिकित्सा शिक्षा सुविधाओं का विस्तार सहित छत्तीसगढ़ की रमन सरकार की सफलताओं की एक लम्बी सूची है, जो लगातार बढ़ती जा रही है। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार ने आज 95 आदिवासी बहुत विकासखण्डों में 13 लाख परिवारों और 16 लाख 50 हजार स्कूली बच्चों को अंधेरे से बचाव के लिए नि:शुल्क सोलर लालटेन देने की योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अवधि में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल को वर्ष 2004 में अस्तित्व में लाकर प्रदेश भर में 50 हजार से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों को मकान उपलब्ध कराए गए। अटल विहार योजना के तहत प्रदेश में अगले तीन वर्ष में एक लाख परिवारों को मकान बनाकर देने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। कुम्हारों के लिए माटी कला बोर्ड का गठन हो चुका है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में मछुआरों के लिए भी मछुआ कल्याण बोर्ड के गठन का निर्णय लिया जा चुका है। गन्ना किसानों की आर्थिक बेहतरी के लिए डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में सहकाारिता के क्षेत्र में प्रदेश में दो नये शक्कर कारखाने बालोद जिले के करकाभाठ और सूरजपुर जिले के ग्राम केरता में शुरू हो चुके हैं। भारतीय वन अधिनियम 1927 के प्रावधानों के आधार पर सामान्य वन अपराधों का सामना कर रहे दो लाख परिवारों को इस मानसिक यातना से मुक्ति दिलायी गयी है। उनके मुकदमों को समाप्त कर दिया गया है। महिलाओं के उत्थान के लिए पंचायतराज संस्थाओं में उनका आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश भर में महिला सशक्तिकरण आंदोलन का तेजी से विस्तार हो रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के नि:शुल्क इलाज और नि:शुल्क आपरेशन के लिए मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना अपनी सहृदयता और संवेदनशीलता की वजह से देश भर में प्रशंसा का विषय बन गयी है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम रमन सरकार की एक और बड़ी उपलब्धि है। बिजली उत्पादन, कृषि उत्पादन, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, सिंचाई सुविधा, सड़क निर्माण जैसे हर क्षेत्र में रमन सरकार ने सफलता का परचम लहराया है।

                                                            आलेख - श्री स्वराज दास  


4 टिप्पणियाँ:

Ratan singh shekhawat 6 दिसंबर 2012 को 7:38 am  

डा.रमन सिंह जी की टीम को इस शानदार पारी के लिए हार्दिक बधाइयाँ|
आशा है छत्तीसगढ़ की जनता डा.रमन सिंह जी की टीम द्वारा किये राज्य के विकास को ध्यान में रखते हुए तीसरी विधानसभा के लिए भी इसी टीम को सत्ता सौंपकर छत्तीसगढ़ के विकास की यात्रा सुचारू जारी रखेगी|
और ये सब टीम में आप जैसे कर्मठ नेताओं द्वारा जन-कल्याण कार्यों के लिए किये अथक परिश्रम का ही परिणाम है|
बधाइयाँ और शुभकामनाएँ

संध्या शर्मा 6 दिसंबर 2012 को 6:42 pm  

डा.रमन सिंह जी को इस शानदार दूसरी पारी के लिए हार्दिक शुभकामनायें और बधाइयाँ...आपकी सरकार की सहृदयता और संवेदनशीलता आपको ऐसी कई पारियां खेलने और जीतने का अवसर देंगी. उपलब्धियां आप जैसे कर्मठ व्यक्तित्व के परिश्रम का मिलाजुला फल हैं बजाज जी... आभार एवं शुभकामनायें

Ramakant Singh 6 दिसंबर 2012 को 8:15 pm  

कोई संदेह नहीं

ब्लॉ.ललित शर्मा 6 दिसंबर 2012 को 9:39 pm  

रमन सरकार के रमणीय नौ सालों की सफलता पर हार्दिक शुभकामनायें. रमन सिंह जी के नेतृत्व, कर्मठ सहयोग और नगर सुराज अभियान ने पूरे देश को शहरी विकास के लिए एक नया रास्ता बताया है. सफलता और उपलब्धियों का सफ़र यूँ ही सालों - साल जारी रहे...

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