Blogger द्वारा संचालित.
ग्राम चौपाल में आपका स्वागत है * * * * नशा हे ख़राब झन पीहू शराब * * * * जल है तो कल है * * * * स्वच्छता, समानता, सदभाव, स्वालंबन एवं समृद्धि की ओर बढ़ता समाज * * * * ग्राम चौपाल में आपका स्वागत है

रिश्ते और रास्ते

>> 23 दिसंबर, 2018


रिश्ते और रास्ते के बीच,
एक अजीब रिश्ता होता है !
कभी रिश्तों से रास्ते मिल जाते है,
और कभी रास्तों में रिश्ते बन जाते हैं !
इसीलिए चलते रहिये और रिश्ते निभाते रहिये
खुशियाँ तो चन्दन की तरह होती हैं,
दूसरे के माथे पे लगाओ तो अपनी 
उंगलियाँ भी महक जाती हैं !


0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें

About This Blog

  © Blogger template Webnolia by Ourblogtemplates.com 2009

Back to TOP